Delhi EV Policy 2026: दिल्ली सरकार ने नई ईवी पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत दिल्ली में 2028 से पेट्रोल वाहनों की बिक्री पर रोक लग जाएगी।
Delhi EV Policy 2026: देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसके तहत आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां बिकनी बंद हो जाएंगी और सड़कों पर धीरे-धीरे सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही दिखेंगे। सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के साथ दिल्ली के लोगों के लिए साफ हवा और बेहतर माहौल देना भी है। यह पॉलिसी संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ी सोच पर आधारित है, जिसमें साफ हवा और प्रदूषण से मुक्त वातावरण को हर व्यक्ति का अधिकार माना गया है।
नई नीति के अनुसार, दिल्ली में अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यानी धीरे-धीरे पेट्रोल से चलने वाली बाइक और स्कूटर सड़कों से गायब होने लगेंगे। इससे पहले 1 जनवरी 2027 से तीन पहिया वाहनों के लिए भी यही नियम लागू होगा, जहां सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो को ही रजिस्ट्रेशन मिलेगा। डिलीवरी और राइड एग्रीगेटर कंपनियों को भी 2026 से पेट्रोल-डीजल वाहनों को अपने फ्लीट में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है। इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर पर पहले साल 30 हजार रुपये तक, दूसरे साल 20 हजार रुपये तक और तीसरे साल 10 हजार रुपये मिलेंगे। इलेक्ट्रिक ऑटो (तीन पहिया) लेने पर पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार रुपये और तीसरे साल 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक पर पहले साल 1 लाख रुपये तक, दूसरे साल 75 हजार रुपये और तीसरे साल 50 हजार रुपये तक का फायदा मिलेगा। यह सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट भी मिलेगी।
इस नई पॉलिसी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने के साथ-साथ पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अगर कोई अपनी पुरानी BS-IV या उससे नीचे की गाड़ी स्क्रैप करता है, तो सरकार उसे पैसे देगी। दोपहिया गाड़ी पर 10 हजार रुपये, तीन पहिया पर 25 हजार रुपये और कार पर 1 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। छोटे माल ढोने वाले वाहनों (एन1) पर भी 50 हजार रुपये तक की मदद दी जाएगी।
इस पॉलिसी के तहत सरकारी विभागों में खरीदी जाने वाली सभी नई गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों को भी इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा। वहीं स्कूल बसों में भी धीरे-धीरे EV का हिस्सा बढ़ाया जाएगा, जिसका लक्ष्य 2030 तक 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई है, जो चार्जिंग स्टेशनों की योजना बनाएगी और बिजली की व्यवस्था करेगी। हर वाहन डीलर को अपनी दुकान पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना होगा। साथ ही बैटरी बदलने (स्वैपिंग) और पुरानी बैटरी को सही तरीके से रीसाइक्लिंग करने की सुविधा भी बनाई जाएगी।