Delhi Film City: दिल्ली का मानना है कि राजधानी नई फिल्म सिटी शूटिंग का केंद्र तो होगी ही साथ में आर्थिक विकास का इंजन भी बनेगी। जिसके चलते राजधानी में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।
Delhi Film City: दिल्ली सरकार के अनुसार, नई फिल्म सिटी शूटिंग का केंद्र के साथ- साथ आर्थिक विकास का इंजन भी बनेगी। इस प्रोजेक्ट के जरिए राजधानी में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को ग्लोबल लेवल पर एक प्रमुख मीडिया और एंटरटेनमेंट हब के रूप में बनाना है।
सिनेमा की दुनिया में अब दिल्ली भी अपनी धाक जमाने को तैयार है। मुंबई, हैदराबाद और नोएडा की तर्ज पर अब देश की राजधानी में भी एक भव्य फिल्मसिटी विकसित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार दिल्ली सरकार को 486 एकड़ जमीन आवंटित करने जा रही है। शुक्रवार की शाम इस ऐतिहासिक परियोजना पर औपचारिक समझौते (MOU) के साथ दिल्ली के नए 'मीडिया और एंटरटेनमेंट हब' की नींव रखी जाएगी।
असल में यह करार प्रसार भारती और दिल्ली सरकार के बीच भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि फिल्म सिटी बनने से दिल्ली में फिल्म निर्माण-रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राजधानी एक बड़े मीडिया और एंटरटेनमेंट हब के रूप में उभर सकेगी।
दिल्ली में फिल्म सिटी का शोर तो है, लेकिन सवाल वही है। जमीन कहां मिलेगी? फिलहाल जमीन का सटीक आवंटन होना बाकी है, इसलिए लोकेशन अभी सस्पेंस बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि यह खबर ऐसे समय आई है जब दिल्ली 'इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' की मेजबानी कर रही है। भारत मंडपम में चल रहे इस उत्सव के बीच दिल्ली पहले से ही फिल्मी रंग में डूबी हुई है, और अब अपनी फिल्म सिटी के ऐलान ने राजधानी को सिनेमाई दुनिया के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।
अभी हाल ही में दिल्ली विधानसभा में पेश दिल्ली आर्थिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक साल 2024 में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर करीब 32.24 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे जो देश में सबसे ज्यादा है। सर्वे के मुताबिक ऐतिहासिक स्थलों में कुतुब मीनार 32.04 लाख पर्यटकों के साथ पहले और लाल किला 28.84 लाख के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं राजधानी को फिल्म हब बनाने की दिशा में भी काम तेज हुआ है। जहां नए पर्यटन स्थलों जैसे बांसेरा पार्क, असिता पार्क, भारत दर्शन पार्क और वेस्ट टू वंडर पार्क को ‘देखो मेरी दिल्ली’ ऐप में जोड़ा गया है। साथ ही कुल 278 फिल्म शूटिंग आवेदनों में से 50 को दिल्ली ई-फिल्म क्लीयरेंस नीति के तहत मंजूरी देकर फिल्मांकन प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है।