
नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार की ओर से दिल्ली के विद्यार्थियों को एक नया तोहफा मिलने जा रहा है। राजधानी दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने की ओर अग्रसर आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। दरअसल दिल्ली सरकार अब कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई को मुफ्त करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा सचिव को आदेश दिया है कि वह 9 से 12 तक की फीस खत्म करने का प्रस्ताव तैयार करें। इसके अलावा सरकार ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल अगले सत्र से फीस प्लान की रिपोर्ट को बिना सरकार को दिखाए नहीं वसूल सकेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को दिल्ली के स्कूलों में चल रहे प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मनीष सिसोदिया ने शिक्षा सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द 9से 12 तक की फीस समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार करें।
सरकारी स्कूलों की फीस महज 20 रुपए है
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के अधीन चलने वाले सभी स्कूलों में मामूली फीस लगती है। इन कक्षाओं की फीस महज 20 रुपए है। दिल्ली सरकार का मानना है कि 20 रुपए फीस वसूलने के लिए स्कूल को भारी-भरकम प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है और इससे स्कूल का समय बर्बाद होता है। बच्चों की पढाई भी इससे प्रभावित होती है। बता दें कि शिक्षा सचिव की ओर से बनाए जा रहे प्रस्ताव की मंजूरी मिलते ही दिल्ली में कक्षा 1 से 12 वीं तक की पढ़ाई मुफ्त हो जाएगी। फिलहाल राजधानी में कक्षा 8 वीं तक फीस नहीं लगती है। दिल्ली सरकार ने कहा कि अब निजी स्कूलों को फीस बढाने के लिए संबंधित अथॉरिटी से मंजूरी लेना होगा साथ ही जरूरी कागजात भी संलग्न करने होंगे।
स्कूल के लिए 12 हजार अतिरिक्त कमरे बनाने पर चर्चा
आपको बता दें कि बैठक के दौरान दिल्ली में सरकारी स्कूलों में करीब 12 हजार अतिरिक्त कमरे बनाने की प्रक्रिया पर भी बातचीत हुई जो की सकारात्मक रही। मनीष सिसोदिया ने जोर देते हुए कहा कि अक्टूबर के मध्य तक 32 जगहों पर काम की शुरूआत हो जानी चाहिए और अगले 9 से 10 महीने के अंदर काम पूरा हो जाना चाहिए। बता दें कि फिलहाल जिन तीन जगहों पर स्कूलों के लिए निर्माण कार्य चल रहा है, पीडब्ल्यूडी उसे अगले महीने शिक्षा विभाग को सौंप देगा। आपको बता दें कि मनीष सिसोदिया ने बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे शिक्षकों की शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल करके प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है।