नई दिल्ली

दिल्ली जिमखाना क्लब मामले में ट्विस्ट! 113 साल पुरानी विरासत के बेदखली आदेश को कोर्ट में दी जाएगी चुनौती

Delhi Gymkhana Club eviction notice: दिल्ली के 113 साल पुराने जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार ने 5 जून तक परिसर खाली करने का नोटिस दिया है। बेदखली आदेश के खिलाफ क्लब के सदस्य अब अदालत में कानूनी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।

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दिल्ली जिमखाना क्लब के बेदखली नोटिस को दी जाएगी कोर्ट में चुनौती (Photo-IANS)

Delhi Gymkhana Club: दिल्ली में जिमखाना क्लब विवाद हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली में लुटियंस जोन के बीचोंबीच और सफदरजंग रोड पर 27 एकड़ में फैला दिल्ली जिमखाना क्लब का अस्तित्व अब खतरे में है। यह हमेशा से बड़े-बड़े नेताओं, अफसरों और रईसों का अड्डा रहा है। 100 साल से भी ज्यादा पुराने इस क्लब को केंद्र सरकार ने 5 जून तक खाली करने का ऑर्डर दे दिया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं, इस आदेश के बाद क्लब के सदस्यों में चिंता बढ़ गई है। उनका मानना है कि इतने पुराने और प्रतिष्ठित संस्थान को अचानक खाली कराने का फैसला सही नहीं है। इसी वजह से सदस्यों ने बैठक कर इस मामले को अदालत में चुनौती देने का फैसला लिया है।

आपको बता दें कि इस क्लब की मेंबरशिप के लिए 37 साल का इंतजार करना पड़ता है।

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जिमखाना क्लब नोटिस पर सदस्यों की प्रतिक्रिया

क्लब को बचाने के लिए केलब के सदस्यों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है। कई सालों से क्लब से जुड़े ब्रिगेडियर हरिंदर पाल बेदी (रिटायर) ने बताया कि रविवार को सदस्यों की बैठक में सभी ने मिलकर अदालत जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि काफी सदस्य याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं और आने वाले समय में और भी लोगों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। सदस्यों का कहना है कि केंद्र सरकार का यह आदेश अचानक आया है, जिससे सभी हैरान हैं।

केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

सरकार की तरफ से दिए गए नोटिस में कहा गया है कि जिमखाना क्लब का परिसर बहुत संवेदनशील इलाके में है। यह जगह प्रधानमंत्री आवास के पास होने की वजह से सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने क्लब को बताया है कि 27.3 एकड़ जमीन सरकार वापस अपने कब्जे में ले रही है। सरकार का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक जरूरतों और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लिया गया है और इसमें राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखा गया है।

113 साल पुराना है जिमखाना

दिल्ली जिमखाना क्लब का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत 3 जुलाई 1913 को ‘इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब’ के नाम से हुई थी। उस समय यह क्लब ब्रिटिश अधिकारियों और सेना के अफसरों के लिए बनाया गया था। देश को आजादी मिलने के बाद इसके नाम से ‘इम्पीरियल’ शब्द हटा दिया गया और इसे दिल्ली जिमखाना क्लब के नाम से जाना जाने लगा। क्लब की मौजूदा इमारतें 1930 के दशक में बनाई गई थीं। यही वजह है कि लोग इसे दिल्ली की एक ऐतिहासिक धरोहर मानते हैं।

क्या अदालत से मिलेगी राहत?

नोटिस के अनुसार 5 जून से केंद्र सरकार इस पूरे परिसर का कब्जा लेने की प्रोसेस शुरू करेगी। इसके बाद क्लब की जमीन, इमारतें, लॉन और वहां मौजूद बाकी सभी सुविधाएं सरकार के नियंत्रण में आ जाएंगी। इस फैसले के बाद क्लब के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं, क्लब के सदस्यों ने इस आदेश को अदालत में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है और उन्हें उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए उन्हें राहत मिल सकती है।

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