
Delhi Jal Board: देश की राजधानी दिल्ली के एक इलाके में पिछले तीन हफ्ते से खराब पानी की समस्या बनी हुई थी। जिसकी कई शिकायतें जल विभाग के पास पहुंची थी, इतनी शिकायतों को देखते हुए दिल्ली जल विभाग ने एक जरूरी कदम उठाया है। दरअसल, अब जल बोर्ड ने पानी की क्वालिटी को सुधारने के लिए रियल-टाइम निगरानी के लिए गुलमोहर पार्क इलाके में एक ऑनलाइन वॉटर एनालाइजर लगाकर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिससे पानी का पीएच लेवल और डिसइंफेक्टेंट लेवल जैसे पैरामीटर के बारे में भी पता लगाया जा सकेगा। दिल्ली के मालवीय नगर से बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि ये पानी एनालाइजर बेहतर तरीके से काम किया तो पानी की देखरेख के लिए इसको पूरे शहर में लगा दिया जाएगा ताकि खराब पानी से जुड़ी मुसीबत कम हो सके।
जानकारी के मुताबिक, यह कदम रहवासियों की खराब पानी को लेकर आ रही शिकायतों के बाद उठाया गया है। उपाध्याय ने कहा कि एनालाइजर का इस्तेमाल पानी की क्वालिटी की रियल-टाइम निगरानी के लिए किया जा सकता है। खासकर pH, टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स TDS और क्लोरीन लेवल को ट्रैक करके बेहतर पानी की क्वालिटी के बारे में पता लगाना आसान हो सकता है।
उपाध्याय ने बताया कि दस दिन पहले गुलमोहर पार्क इलाके में पानी में गंदगी की शिकायतें मिली थीं। जिन्हें दिल्ली जल बोर्ड ने दूर किया। चूंकि पानी की पाइपलाइन जमीन के नीचे होती हैं, इसलिए ऐसे वॉटर एनालाइजर का इस्तेमाल करके हम पानी में pH, TDS और क्लोरीन लेवल की जांच कर सकते हैं। यह टेक्नोलॉजी किसी भी तरह की गंदगी और उसके स्रोत का पता लगाने में मदद करेगी। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो दिल्ली जल बोर्ड पूरे शहर में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा।
जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत लागू किया जा रहा है और उम्मीद है कि एक हफ्ते के अंदर इसे पूरी तरह से इंस्टॉल कर लिया जाएगा। सरकारी अधिकारियों से मिली तेजी से मदद का जिक्र करते हुए, गुलमोहर पार्क RWA के प्रेसिडेंट अतुल बाल ने कहा कि जब MLA ऑफिस को पानी में गंदगी की समस्या के बारे में बताया गया, तो उन्होंने तुरंत और अच्छी तरह से कार्रवाई की।
ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, यह समस्या तीन हफ्ते पहले शुरू हुई थी। हमने तुरंत MLA ऑफिस से संपर्क किया। MLA ऑफिस और DJB दोनों ने इस समस्या को हल करने के लिए हमारे साथ दो हफ्ते तक काम किया। उन्होंने गंदगी वाली अलग-अलग जगहों और दूसरी समस्याओं की पहचान की। आज पानी में गंदगी की समस्या पूरी तरह से हल हो गई है।