दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर उपराज्यपाल की ओर से बनाए गए एक कमिटी की रिपोर्ट को फाड़ते हुए कहा कि 'जनता की मर्जी है की इस रिपोर्ट को फाड़ दो, जनता जनार्दन है जनतंत्र में।’
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार अपने वादे को पूरा करने के लिए कमर कस चुकी है। केजरीवाल सरकार ने सीसीटीवी लगाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्लान बनाना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में रविवार को दोपहर 3 बजे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक बड़ी मीटिंग की गई। जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत दिल्ली कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल सीसीटीवी लगाने के नाम पर रिश्वत कमाना चाहते हैं। क्योंकि उपराज्यपाल ने सीसीटीवी लगाने के लिए जिस कमिटी को बनाया है उसके अनुसार यदि कोई दिल्ली में सीसीटीवी लगाना चाहता है तो उसे अपने पैसे से सीसीटीवी लगाने हैं और इसके लिए दिल्ली पुलिस से लाइसेंस लेने पड़ेंगे। केजरीवाल ने कहा कि लाइसेंस लेने का मतलब हुआ कि पुलिस को 'पैसा चढ़ाओ लाइसेंस ले जाओ'। बता दें कि केजरीवाल ने ये बातें तब कही जब उपराज्यपाल की ओर से पेश किए गए रिपोर्ट को सार्वजनिक तौर पर फाड़ दी। दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर उपराज्यपाल की ओर से बनाए गए एक कमिटी की रिपोर्ट को फाड़ते हुए कहा कि 'जनता की मर्जी है की इस रिपोर्ट को फाड़ दो, जनता जनार्दन है जनतंत्र में।’ आपको बता दें कि इससे पहले 26 जुलाई को सीएम केजरीवाल ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले को लेकर चर्चा करने के लिए 4500 आरडब्ल्यूए और 3000 मार्केट असोसिएशंस को न्यौता भेजा था। सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की इन सभी आरडब्ल्यूए और मार्केट असोसिएशंस को लेटर लिखा था और कहा कि हर असोसिएशन से दो-दो प्रतिनिधि इस बड़ी मीटिंग में शामिल हों।
सीएम केजरीवाल ने लिखा था खत
आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल ने अपने खत में लिखा था कि दिल्ली सरकार शहर में सीसीटीवी लगाने जा रही है और सीसीटीवी प्रॉजेक्ट्स को लेकर आरडब्ल्यूए और मार्केट असोसिएशंस के सुझाव बहुत अहम हैं। आगे उन्होंने लिखा था कि दिल्ली सरकार कैबिनेट में सीसीटीवी के प्रपोजल को मंजूरी के लिए लाएगी उससे पहले इस बैठक में तमाम तरह के अच्छे सुझावों को शामिल किया जाएगा जिससे एक बेहतर प्रपोजल को कैबिनेट में पेश किया जा सके। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के दौरान शहर में सीसीटीवी लगाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
क्या चाहती है केजरीवाल सरकार
आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार चाहती है कि सीसीटीवी कैमरे लगाने से पहले आरडब्ल्यूए और मार्केट असोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया के बारे में बातचीत की जाए। जिससे जल्द से जल्द सीसीटीवी लगाए जाने की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सरकार ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इस बैठक के दौरान सरकार आरडब्ल्यूए से इस बारे में राय लेगी साथ ही इलाके और मार्केट में लोकेशन के बारे में भी चर्चा करेगी। बता दें कि इससे पहले उपराज्यपाल ने मई में दिल्ली के निजी और सरकारी इमारतों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के नियमन के लिहाज से 6 सदस्यीय समिति का गठन किया था। लेकिन केजरीवाल सरकार ने उपराज्यपाल की इस कमिटी को अमान्य घोषित कर दिया था। दिल्ली सरकार के बीच तमाम तरह के अधिकारों पर नियंत्रण के लेकर जंग जारी है।