
Delhi women scheme: दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने वाली लक्ष्मी योजना शुरू हो गई है। योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन करने के लिए सरकारी दफ्तरों का रुख कर रही हैं। लेकिन पैसे मिलने की उम्मीद के बीच उन्हें आवेदन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं लंबी लाइन है तो कहीं आधार कार्ड में कमी के कारण आवेदन अटक रहा है। कई महिलाएं फॉर्म में मांगी गई जानकारी को लेकर भी परेशान हैं।
आवेदन के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी आधार कार्ड को लेकर सामने आ रही है। कुछ महिलाओं के आधार कार्ड में जन्मतिथि जैसी जानकारी नहीं है। ऐसी महिलाओं को पहले अपना आधार ठीक कराने के लिए कहा जा रहा है। कई महिलाओं की शिकायत है कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकारी कर्मचारी फॉर्म भरने में मदद करेंगे, लेकिन कई जगह उन्हें खुद ही फॉर्म भरने के लिए कहा गया। जिन महिलाओं को कंप्यूटर या ऑनलाइन काम की ज्यादा जानकारी नहीं है, उनके लिए यह प्रक्रिया और मुश्किल हो रही है।
इस योजना के लिए सबसे पहले आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होता है। मोबाइल पर OTP आने के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा होता है और इसकी रसीद मिलती है।
इसके बाद चार पन्नों का फॉर्म भरना पड़ता है। फिर अपने इलाके के सांसद या विधायक से सिफारिश पत्र लेना होता है। इस पत्र को ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करने के बाद आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। कई महिलाओं को इसके बाद भी संबंधित सरकारी कार्यालय में जाना पड़ रहा है।
यानी एक बार दफ्तर जाने से काम पूरा नहीं हो रहा। इसी वजह से महिलाओं का कहना है कि योजना का फायदा लेने के लिए आवेदन की प्रक्रिया थोड़ी आसान होनी चाहिए। लक्ष्मी योजना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी पर हमला बोला है। AAP विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने योजना में इतनी ज्यादा शर्तें लगा दी हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ ही नहीं ले पा रही हैं।
लक्ष्मी योजना में 21 से 60 साल तक की महिला को हर महीने 2,500 रुपए देने का प्रावधान है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं।महिला के परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। परिवार का दिल्ली में कम से कम 10 साल से रहना भी जरूरी है। इसके अलावा परिवार की सबसे बड़ी उम्र वाली महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा।
तीन से ज्यादा बच्चों वाली महिलाओं को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा आयकर भरने वाली महिलाएं, सरकारी कर्मचारी और ऐसे परिवार जिन्हें पहले से किसी दूसरी सरकारी योजना से आर्थिक मदद या पेंशन मिल रही है, वे भी पात्र नहीं होंगे। चार पहिया वाहन रखने वाले परिवारों और तय सीमा से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों को भी योजना से बाहर रखा गया है।
इन तमाम नियमों और आवेदन की लंबी प्रक्रिया के बावजूद महिलाओं में योजना को लेकर उम्मीद बनी हुई है। महिलाओं का कहना है कि इस पैसे से घर का खर्च चलाने में मदद मिलेगी। इसलिए आवेदन में परेशानी हो रही है, फिर भी वे किसी तरह प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर रही हैं।