दिल्ली के पांच बड़े अस्पतालों में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया का लार्वा पाया गया है। इस बाबत उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने फौरन कार्रवाई करते हुए इन पांचों अस्पतालों के चालान काटे हैं।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य को लेेकर काफी जागरूकता अभियान चलाया गया है लेकिन लगता है कि इसका असर राजधानी के अस्पताल प्रशासन को समझ में नहीं आया। यदि आप दिल्ली के किसी अस्पताल में अपना इलाज कराने जा रहे हैं तो थोड़ा संभल कर जाएं। कहीं ऐसा न हो जाए कि अस्पताल आपका इलाज करने के बजाए कोई नई बीमारी आपको मुफ्त में दे दे। दरअसल दिल्ली के पांच बड़े अस्पतालों में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया का लार्वा पाया गया है। इस बाबत उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने फौरन कार्रवाई करते हुए इन पांचों अस्पतालों के चालान काटे हैं। बता दें कि सबसे हैरानी की बात यह है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने जिन अस्पतालों को मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए तैयारियां पूरी करने के आदेश दिए हैं उन्हीं अस्पतालों में लार्वा पाया गया है। मालूम हो कि उत्तरी नगर निगम ने मच्छरों के पनपने को लेकर सरकारी व निजी संस्थाओं के कुल 96 चालान काटे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा सरकारी स्कूल हैं, जबकि इन्हीं में से ये पांच बड़े अस्पताल भी शामिल हैं।
किन-किन से अस्पतालों के कटे चालान
आपको बता दें कि मच्छर, डेंगू और चिकनगुनिया का लार्वा पाए जाने के कारण उत्तरी नगर निगम ने राजधानी के पांच बड़े अस्पतालों का चालान काटा है। इनमें से हैदरपुर का आयुर्वेदिक अस्पताल, कस्तूरबा अस्पताल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, लोकनायक अस्पताल और राजीव गांधी कैंसर अस्पताल शामिल हैं। निगम के मुताबिक लोकनायक अस्पताल में दो जगहों पर मच्छरे पनपते पाए गए हैं, जिनमें से एक जेई ऑफिस के पास, तो दूसरा उनके पंप हाउस में। उत्तरी नगर निगम ने बताया कि लार्वा पाए जाने के बाद सख्त कदम उठाते हुए अस्पतालों को चालान भेज दिए गए हैं। इसके अलावे दिल्ली के कई सरकारी स्कूलों में भी लार्वा पाया गया है। इस बाबत स्कूलों के भी चालान काटे गए हैं। साथ ही सख्त हिदायत दी गई है कि लार्वा को जल्द से जल्द नष्ट करने के उपाए किए जाएं।