नई दिल्ली

दिल्ली डॉक्टर मेड मर्डर केस: वारदात से 4 दिन पहले डॉ. गुप्ता में दिखे थे अजीब बदलाव, पड़ोसियों ने बताया- क्यों रहने लगे थे बिल्कुल अलग-थलग?

Delhi doctor maid murder case: दिल्ली के माउंट कैलाश इलाके में हुए घरेलू सहायिका के मामले में एक और नया मोड़ सामने आया है जहां आरोपी डॉक्टर के पड़ोसियों और पहचान ने वालों ने बताया कि कुछ दिन पहले डॉक्टर बदले-बदले से लग रहे थे, जानिए पूरा मामला।
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Jun 19, 2026
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Delhi doctor maid murder case: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के माउंट कैलाश इलाके में हुई घरेलू सहायिका की हत्या के मामले नया मोड़ सामने आया है जहां आरोपी डॉ. मनीष गुप्ता के पड़ोसियों, मरीजों और दोस्तो ने उनके स्वभाव में एक जैसे ही बदलाव देखे थे। इस व्यवहार में बदलाव वाली की बात को पुलिस सबसे अहम कड़ी मान रही है। आरोपी डॉ. गुप्ता को जानने वाले लोगों ने बताया कि करीब तीन-चार दिन पहले वह सामान्य से ज्यादा खामोश और अलग-थलग रहने लगे थे। वहीं दूसरी पड़ोसियों ने बताया कि वह पहले की मुकाबले बिलकुल ही कम बातचीत कर रहे थे, जबकि कुछ मरीजों ने भी उनके व्यवहार में बदलाव महसूस किया था। हालांकि उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। फिलहास पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी डॉ. मनीष गुप्ता आखिर कौन-से हालात से गुजर रहा था।

लेते थे अवसाद की दवाई

कुछ पहचानने वालों ने ये भी बताया कि उन्हें जानकारी थी कि डॉ. गुप्ता अवसाद से जुड़ी दवाएं ले रहे हो सकते थे, लेकिन वह अपनी निजी जिंदगी के बारे में बहुत कम बात करते थे। ऐसे में किसी को उनके मानसिक हालात के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

मददगार और समाजसेवी की छवी

चौंकानी वाली बात ये है कि जिस डॉक्टर को आज आरोपी कहा जा रहा है वो एक समय पर मददगार और समाजसेवी नाम से पहचाने जाते थे। उसने घर काम करने वालों का कहना है कि साहब ने कई बार हमारी और परिवार की मदद की है। मुफ्त या रियायती इलाज किया था। एक महिला ने बताया कि हाल ही में डॉक्टर ने उसके बेटे की त्वचा संबंधी बीमारी का उपचार किया था।

कोरोना में भी दिया था सहयोग

पशु कल्याण के क्षेत्र में भी डॉ. गुप्ता सक्रिय माने जाते थे। उनके करीबी बताते हैं कि किसी भी चैरिटी अभियान या पशु संरक्षण से जुड़े काम में वह सबसे पहले आगे आते थे। कोरोना काल में जरूरतमंदों तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने की मुहिम में भी उन्होंने योगदान दिया था। पिछले करीब 15 सालों से माउंट कैलाश में रह रहे डॉ. गुप्ता को पड़ोसी एक शांत, विनम्र और अपने काम से काम रखने वाले इंसान थे। यही वजह है कि घरेलू सहायिका की हत्या के आरोपों ने पूरे इलाके को दिल दहला दिया है।

इस सवालो का पता लगा रही पुलिस

अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर वह कौन-से हालात थे जिनके चलते एक सम्मानित डॉक्टर पर अपनी ही घरेलू सहायिका की इतनी हत्या का आरोप लगा। वहीं पड़ोसी और परिचित अब वारदात से पहले उनके व्यवहार में दिखे बदलावों को इस मामले की अहम कड़ी मान रहे हैं।

Updated on:
19 Jun 2026 05:31 pm
Published on:
19 Jun 2026 05:31 pm
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