समयपुर बादली में एक खुले गंदे नाले में एक युवक गिर गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस अधिकारी ने रोहिणी कोर्ट में जवाब दाखिल किया।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने अदालत में एक मामले में अजीबो-गरीब जवाब दिया है जिसके बाद कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई और सोच-समझकर बोलने की हिदायत दी। इसके साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई में जांच अधिकारी को तलब किया है। बता दें कि समयपुर बादली में एक खुले गंदे नाले में एक युवक गिर गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस अधिकारी ने रोहिणी कोर्ट में जवाब दाखिल किया। अपने जवाब में अधिकारी ने बताया है कि युवक गंदे नाले में नहाने के लिए उतरा था, क्योंकि उसके कपड़े और बैग नाले के पास ही पड़ा था। इस पर रोहिणी कोर्ट स्थित महानगर दंडाधिकारी नेहा गुप्ता सिंह ने कड़ी फटकार लगाई और सोच-समझकर बोलने की हिदायत दी। साथ ही नाराज होकर अगली तारीख में एसएचओ को अदालत में मौजूद रहने के निर्देश भी दिया।
बीते 13 जुलाई को हुआ था हादसा
आपको बता दें कि मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का रहने वाला 26 वर्षीय पवन सिंह बीते 13 जुलाई को समयपुर बादली इलाके में खुले नाले में गिर गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर उसके भाई नवीन ने वकील मनोज लोहाट की मदद से कोर्ट में अर्जी दायर की। अर्जी में नवीन ने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए जाएं। दूसरी ओर कोर्ट को यह भी बताया कि वारदात के दिन नाले को सफाई के लिए खोला गया था लेकिन उसे बंद नहीं किया गया और फिर बारिश के कारण सड़क पर जलभराव हो गया था। नवीन का भाई पवन मिठाई की दुकान में काम करता था और उस दिन घर जाने के लिए बैग आदि लेकर दुकान से निकला था। नवीन ने अर्जी में पूछा कि ऐसे में इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है और पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है, यह बताया जाए।
अदालत ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
आपको बता दें कि नवीन के अर्जी पर अदालत ने समयपुर बादली थाना पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। वकील मनोज लोहाट ने बताया कि बीते शुक्रवार को पुलिस ने अदालत में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। हैरानी की बात यह है कि इस रिपोर्ट में पुलिस जांच अधिकारी ने बताया है कि पवन सिंह नाले में नहाने के लिए उतरा था। दूसरी तरफ अभी तक इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं किया गया है। केवल एक डीडी एंट्री की गई है। इधर अधिकारी ने कोर्ट को बताया है कि नाला लोक निर्माण विभाग का है या नगर निगम का है, इसकी जांच की जा रही है। दूसरी ओर वकील मनोज ने बताया कि इस मौत के लिए सफाई करने वाला ठेकेदार जिम्मेदार है क्योंकि उसने लापरवाही बरती और नाले की सफाई के बाद उसे ढका नहीं था। बता दें कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त मंगलवार को होगी।