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Noida Factory Worker Protest: दिल्ली से सटे नोएडा के औद्योगिक इलाकों में सोमवार को भारी हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 9 अप्रैल से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे करीब 42 हजार कर्मचारी अचानक उग्र हो गए और सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें उपद्रवियों ने 350 से अधिक फैक्ट्रियों को निशाना बनाया और वहां जमकर तोड़फोड़ की।
आपको बता दें कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने न केवल इमारतों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि सड़कों पर खड़े वाहनों को भी अपना निशाना बनाया। उपद्रवियों ने 50 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया, जबकि 150 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी भीड़ ने जमकर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। पूरे इलाके में धुआं और चीख-पुकार का माहौल बना रहा।
बता दें कि श्रमिक लंबे समय से न्यूनतम वेतन में वृद्धि और अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। सोमवार सुबह यह आक्रोश चरम पर पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन और प्रबंधन उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से इतनी बड़ी संख्या में फैक्ट्रियों और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है, उसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार की हिंसा के बाद मंगलवार को भी तनाव बरकरार है। पूरे औद्योगिक क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पीएसी (PAC) और अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून हाथ में लिया और निजी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
डिजिटल निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अधिकारियों ने अब तक 50 ऐसे 'बॉट' (Bot) हैंडल्स को चिन्हित किया है, जिनका इस्तेमाल नोएडा के अलग-अलग हिस्सों में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने और हिंसा भड़काने के लिए सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। इन संदिग्ध हैंडल्स के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई। वहीं, औद्योगिक अशांति के बीच बवाल की आंच अब रिहायशी इलाकों तक भी पहुंच गई है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सेक्टर-121 स्थित गढ़ी चौखंडी में सैकड़ों घरेलू सहायिकाओं (Domestic Helps) ने मोर्चा खोल दिया और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे स्थानीय प्रशासन की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
Published on:
14 Apr 2026 04:17 pm
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