
200 से अधिक कर्मचारियों ने कंपनी पर बोला धावा
Noida Employee Protest: दिल्ली से सटे नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में आज उस समय युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई जब एक निजी कंपनी के 200 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ धावा बोल दिया। वेतन और अन्य सुविधाओं को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा असंतोष आज सुबह अचानक हिंसक बवाल में बदल गया। देखते ही देखते आक्रोशित भीड़ ने कंपनी परिसर के भीतर और बाहर जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे वहां काम कर रहे अन्य स्टाफ और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
हंगामा इतना बढ़ गया कि उपद्रवियों ने परिसर में खड़े वाहनों और फर्नीचर में आग लगा दी, जिसके बाद आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थरबाजी की, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और समाधान के निर्देश दिए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बताया कि पूरे इंडस्ट्रियल एरिया को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारी श्रमिकों के बीच जाकर उनसे संवाद कर रहे हैं और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए समझा रहे हैं।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना है, इसलिए केवल जरूरत पड़ने पर ही न्यूनतम बल का प्रयोग किया जा रहा है ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। उन्होंने जनता और कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक सूचना या सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर कतई भरोसा न करें। फिलहाल पुलिस की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और स्थिति की पल-पल निगरानी की जा रही है।
Updated on:
13 Apr 2026 11:07 am
Published on:
13 Apr 2026 10:56 am
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