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9 Rupees Increment News: जहां एक ओर आईटी सेक्टर में लाखों-करोड़ों के पैकेज की खबरें आती हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'रेडिट' (Reddit) पर अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उसे साल 2025 में वार्षिक वेतन वृद्धि के नाम पर केवल 9 रुपये की बढ़ोतरी मिली, जबकि 2026 में उसे पूरी तरह खाली हाथ रखा गया।
इंजीनियर ने अपनी पोस्ट में बताया कि उसने मई 2024 में एक कंपनी में 6 महीने की इंटर्नशिप से शुरुआत की थी। इसके बाद उसे वहीं फुल-टाइम नौकरी मिल गई। उसका सालाना पैकेज 4.25 लाख रुपये तय हुआ था। इंजीनियर का कहना है कि उस समय जॉब मार्केट काफी कमजोर था, इसलिए विकल्पों की कमी के कारण उसने कम इन-हैंड सैलरी पर भी काम करना स्वीकार कर लिया।
वेतन में नाममात्र की बढ़ोतरी के बावजूद इंजीनियर के लिए नौकरी छोड़ना आसान नहीं है, क्योंकि कंपनी की सख्त शर्तें उसे एक तरह से बांधकर रखती हैं। कंपनी के नियमों के अनुसार, कर्मचारी को दो साल का सर्विस बॉन्ड पूरा करना अनिवार्य है, और यदि वह इससे पहले इस्तीफा देता है तो उसे 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है। इतना ही नहीं, इस्तीफा देने के बाद भी उसे 6 महीने का लंबा नोटिस पीरियड पूरा करना होता है, जिसके दौरान उसे कंपनी में काम जारी रखना पड़ता है। इन कड़े नियमों के चलते इंजीनियर खुद को एक ऐसे जाल में फंसा हुआ महसूस कर रहा है, जहां न तो उसकी सैलरी में कोई खास बढ़ोतरी हो रही है और न ही उसे अपने करियर में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल पा रहे हैं, जिससे उसके मन में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
रेडिट पर यह पोस्ट वायरल होने के बाद लोग आईटी कंपनियों के इन 'कठोर' नियमों और नाममात्र के इंक्रीमेंट पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि 9 रुपये की बढ़ोतरी एक प्रोफेशनल के काम का मजाक उड़ाने जैसा है। इंजीनियर ने अपनी पोस्ट के अंत में निराशा जाहिर करते हुए लिखा कि दो साल कड़ी मेहनत करने के बाद भी उसकी आर्थिक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
Published on:
14 Apr 2026 05:38 pm
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