Mukesh Gangster Arrested: दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई में कुख्यात गैंगस्टर मुकेश की गिरफ्तारी से गोगी गैंग को तगड़ा झटका लगा है। संगठित अपराध के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पुलिस अब गैंग के बाकी सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
Mukesh Gangster Arrested: दिल्ली में लूट-पाट, अपहरण और रंगदारी के मामले सुनना आम हो गया है। हर तीसरे दिन इस तरह की घटनाएं घटती दिखाई दे जाती हैं। कई बदमाश कुख्यात गैंग के साथ मिलकर अपना नेटवर्क बढ़ाते हैं, तो कुछ अकेले ही हंगामा मचाते रहते हैं। ऐसे ही एक खतरनाक गैंगस्टर मुकेश (Mukesh Gangster Arrested) पर हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार, अपहरण और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराधों के 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गोगी गैंग का खास गुर्गा बताया जा रहा है।
दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले में खुफिया तरीके से ऑपरेशन चलाकर पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मुकेश उर्फ पुनीत के रूप में हुई है, जो गोगी गैंग के साथ मिलकर बड़ी वारदातों को अंजाम देता था। दिल्ली में उसके खिलाफ विभिन्न थानों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को नरेला और आसपास के क्षेत्रों में अपराध पर बड़े एक्शन के रूप में देखा जा रहा है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह ऑपरेशन पूरी तरह खुफिया सूचना और पुख्ता सबूतों के दम पर चलाया गया। इसके बाद पुलिस ने अभियान चलाकर गैंगस्टर मुकेश को घेर लिया। मुकेश के खिलाफ थाना नरेला में दर्ज एफआईआर के तहत MCOCA एक्ट की धाराओं में मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका था, जिसके बाद कानूनी जांच पूरी होने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
कुख्यात गैंगस्टर मुकेश उर्फ पुनीत की उम्र 34 साल है। साल 2012 से अब तक कई बड़े अपराधों में मुकेश का नाम दर्ज हो चुका है। इस तरह कुछ ही सालों में वह इलाके का खौफ बन गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार, अपहरण और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराधों के 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, हरियाणा में भी उसके खिलाफ कई संगीन केस दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि मुकेश अपने गिरोह का लीडर था और उसी के इशारे पर वारदातें अंजाम दी जाती थीं। प्रदीप उर्फ गुरी, विकास उर्फ विक्की, विनोद उर्फ सोनू और परदीप उर्फ अनिल जैसे बदमाश उसके नेटवर्क में सक्रिय थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके कुख्यात गोगी गैंग से भी गहरे संबंध थे, जिससे उसकी आपराधिक ताकत और हिम्मत बढ़ गई थी। यह गिरोह रंगदारी, वसूली, हथियारबंद वारदात और गैंगवार जैसी घटनाओं में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस गैंग के बाकी सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।