नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस पर CJP नेता का निशाना, बोले- ‘अमित शाह के गुर्गों की तरह काम करना बंद करे पुलिस’

Delhi Police Protest: CJP ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस को नागरिकों के विरोध के अधिकार का सम्मान करना चाहिए। संगठन ने दिल्ली पुलिस को मुंबई पुलिस से सीख लेने की बात कही।
2 min read
Delhi Police Protest
दिल्ली पुलिस पर CJP नेता का निशाना, फोटो सोर्स- ani

Jantar Mantar Protest: दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर CJP की ओर से निशाना साधा गया है। संगठन ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को नागरिकों के शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।

‘अमित शाह के गुर्गों की तरह काम करना बंद करे दिल्ली पुलिस’

CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'दिल्ली पुलिस को अमित शाह के गुर्गों की तरह काम करना बंद करना चाहिए' बयान में आरोप लगाया गया कि असहमति की आवाज को दबाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने से पुलिस संस्था और देश की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

‘शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को दबाने के बजाय सम्मान करे’

बयान में दिल्ली पुलिस से कहा गया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के अधिकार को दबाने के बजाय उसका सम्मान करे। CJP ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी मांगों और असहमति को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखने का अधिकार है।

मुंबई पुलिस का दिया उदाहरण

CJP ने दिल्ली पुलिस की तुलना मुंबई पुलिस से करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को मुंबई पुलिस से सीखना चाहिए कि नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध को कैसे सुविधाजनक बनाया जा सकता है, न कि उसे दबाया जाए। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई में CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और प्रदर्शनकारियों को शिवाजी पार्क के मैदान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, प्रदर्शन स्थल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विवाद

यह बयान दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में आया है। जुलाई में जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था, जबकि पुलिस की ओर से कई कर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी। CJP का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के बजाय प्रशासन को नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर देना चाहिए।

Updated on:
03 Oct 2026 06:12 pm
Published on:
03 Oct 2026 06:12 pm