नई दिल्ली

‘मारने की नीयत से किया हमला’: दिल्ली पुलिस ने CJP के ‘चलो संसद’ मार्च हिंसा मामले में दर्ज की ‘हत्या के प्रयास’ की FIR

Delhi Police attempt to murder FIR CJP protest: दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में BNS की BNS की 13 धाराओं के तहत हत्या के प्रयास की FIR दर्ज की है। हिंसा में 129 पुलिसकर्मी घायल हुए थे और अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
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Delhi Police attempt to murder FIR CJP protest
CJP प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस सख्त, फोटो सोर्स- IANS

NEET protest Jantar Mantar violence BNS sections: 20 जुलाई को नीट (NEET) परीक्षा धांधली और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई भीषण हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस संबंध में दर्ज प्राथमिकियों (FIR) में 'हत्या के प्रयास' जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं।

129 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी हुए थे घायल

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को मध्य दिल्ली में हजारों की संख्या में युवा और छात्र प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। संसद मार्च की अनुमति न मिलने पर रफी मार्ग (रेल भवन के पास) सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे और लाठीचार्ज करना पड़ा था। इस हिंसा में कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित कम से कम 129 पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।

BNS की 13 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

कर्तव्य पथ थाना क्षेत्र के एक पुलिस निरीक्षक की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 13 धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया, जिसके चलते मामले में हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी गई है। एफआईआर में ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, उनके साथ मारपीट करने, गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा कर दंगा करने, पथराव करने तथा सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल किए गए हैं।

'चेतावनी के बाद भी पुलिस पर बरसाए पत्थर और चप्पलें'

एफआईआर के अनुसार, पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणा की थी कि क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है और प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं है। इसके बावजूद भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। आरोप है कि कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस घेराबंदी को तोड़कर जवानों पर पथराव, चप्पलें फेंकीं और जानलेवा हमला कर दिया।

अब तक कुल 10 FIR दर्ज

संसद भवन और अन्य संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें संसद मार्ग थाने में 4, कनॉट प्लेस थाने में 3, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ थाने में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक मामला रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के उस जवान की शिकायत पर भी दर्ज किया गया है, जिसके साथ ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर मारपीट की गई थी।

Updated on:
25 Jul 2026 02:06 pm
Published on:
25 Jul 2026 02:06 pm