नई दिल्ली

दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर हंगामा, ACP विवेक भगत पर कार्रवाई की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी डिटेन

Woman Journalist Harassment: दिल्ली में जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। एक स्वतंत्र महिला पत्रकार ने एसीपी विवेक भगत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
2 min read
female journalist Rosie
महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी पर बवाल, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर झड़प (Photo: ANI/AI Enhanced)

Delhi Police ACP Vivek Bhagat: दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर सोमवार सुबह उस समय तनाव बढ़ गया, जब एक स्वतंत्र महिला पत्रकार के साथ एसीपी विवेक भगत द्वारा कथित बदसलूकी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारी शिकायत पर कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है, इसमें शिकायतकर्ता महिला पत्रकार भी शामिल है। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने पुलिस पर अभद्रता और गाली गलौच का आरोप लगाया और कहा कि वह तो अपनी शिकायत का स्टेटस जानना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और हिरासत में लेकर सबक सिखाने की धमकी दी।

मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन के दौरान का बताया जा रहा है। प्रदर्शन को कवर कर रही महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के जवानों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली जिला पुलिस को उनकी शिकायतें मिली हैं और आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है।

ACP पर लगा गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि वह AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना को रिकॉर्ड कर रही थीं। उनके मुताबिक, उस समय वहां महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो वहां मौजूद ACP विवेक भगत ने कथित तौर पर उन्हें धक्का दिया और उनके साथ आपत्तिजनक तरीके से व्यवहार किया।

48 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप

पुलिस हिरासत में लिए गए एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि वे शिकायत की स्थिति जानने के लिए थाने के बाहर पहुंचे थे। शिकायत दिए जाने के करीब 48 घंटे बाद भी उन्हें कार्रवाई की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। हम बस इतना चाहते हैं कि आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और मामले में कार्रवाई हो। शिकायतकर्ता ने एसीपी विवेक भगत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और कथित व्यवहार की जिम्मेदारी स्वीकार करने की भी मांग की है।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर बदसलूकी तथा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शिकायतें दर्ज की गईं और मामले को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।

पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं करने पर उन्हें हिरासत में लिया गया।

थाने के बाहर क्यों बढ़ा विवाद?

शिकायतकर्ता के समर्थन में कई लोग घटना के बाद से ही दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जमा हुए थे। उनकी मांग थी कि शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से वहां से हटने को कहा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और झड़प की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

Updated on:
05 Oct 2026 10:39 am
Published on:
05 Oct 2026 10:27 am
Also Read
View All
भारत-स्विट्जरलैंड रिश्तों को मिली नई रफ्तार, राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन और PM मोदी ने व्यापार और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस

Delhi Women Safety: सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से पूछा, 10 बजे के बाद भी महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?

135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के नए ठिकाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा लेआउट प्लान और एफिडेविट

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, SIT जांच और SIR रद्द करने की मांग