Delhi Private School Fee: दिल्ली सरकार ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। निजी स्कूलों को 2025-26 शैक्षणिक सत्र में फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। नया स्कूल फीस कानून अब अगले सत्र से लागू किया जाएगा।
Delhi Private School Fee:दिल्ली में निजी स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर माता-पिता काफी परेशान थे। इसी बीच दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि दिसंबर 2025 में लाया गया नया स्कूल फीस कानून इस साल यानी 2025-26 के सत्र में लागू नहीं होगा। सोमवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह कानून अब अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने एक नया आदेश जारी कर बताया कि फीस की नई व्यवस्था को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।
दरअसल, सरकार ने एक दिन पहले एक नया आदेश जारी किया था, जिसमें बताया गया कि स्कूल फीस से जुड़ा नया कानून धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। इस आदेश में यह भी साफ किया गया कि इस बीच स्कूल कितनी फीस ले सकते हैं और नई व्यवस्था कब से शुरू होगी। असल में दिक्कत यह थी कि कानून दिसंबर 2025 में लागू हुआ, जबकि 2025-26 सत्र की फीस पहले ही तय हो चुकी थी। ऐसे में जुलाई तक स्कूलों के लिए फीस समिति (एसएलएफआरसी) बनाना संभव नहीं था, इसी वजह से सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।
नोटिफिकेशन में साफ लिखा है कि 2025-26 सत्र में स्कूल फीस नहीं बढ़ेगी। स्कूल वही फीस ले सकेंगे, जो वे 1 अप्रैल 2025 तक वसूल रहे थे। अगले तीन साल की फीस तय होने तक किसी भी तरह की नई बढ़ोतरी की इजाजत नहीं होगी। अगर किसी स्कूल ने इस दौरान फीस बढ़ा भी दी है, तो वह अपने आप सही नहीं मानी जाएगी। ऐसी फीस बढ़ोतरी की बाद में जांच होगी और उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है, जो अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।
1 फरवरी को जारी हुई नोटिफिकेशन में यह नया नियम कैसे लागू होगा, उसके चरण बताए गए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार, हर निजी स्कूल को 10 दिन के अंदर फीस से जुड़ी स्कूल समिति बनानी होगी, हालांकि यह समिति 2025-26 की फीस में कोई बदलाव नहीं करेगी। समिति बनने के 14 दिन में अगली तीन साल की फीस का प्रस्ताव देना होगा, जो 2026-27 से लागू होगी। वहीं सरकार 30 दिन के अंदर जिला स्तर पर अपीलीय समितियां बनाएगी, जहां फीस से नाराज माता-पिता शिकायत कर सकेंगे।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से अभिभावकों के फायदे के लिए लिया गया है। उन्होंने बताया कि तीन साल के लिए फीस तय होने से बार-बार फीस बढ़ाने की समस्या खत्म होगी। इससे स्कूल मनमानी नहीं कर पाएंगे और माता-पिता को हर साल नई चिंता नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी स्कूल ने गलत तरीके से फीस बढ़ाई है, तो उस पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।