Delhi shooting case: दिल्ली के नजफगढ़ में हुए गोलीकांड में एक डिलीवरी ब्वॉय की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार के लिए न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
Delhi shooting case: दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक दर्दनाक घटना ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। देर रात एक जन्मदिन पार्टी से लौट रहे दो युवकों पर कथित तौर पर पुलिस के हेड कांस्टेबल ने गोली चला दी। इस घटना में बाइक चला रहे युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। इस मामले को लेकर बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी है और बीजेपी सरकार पर गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि सिर्फ बिहारी होने की वजह से गोली मारी गई है।
शनिवार देर रात नजफगढ़ के रावता गांव में ये घटना हुई। पांडव कुमार अपने दोस्त कृष्ण के साथ एक जन्मदिन पार्टी से वापस घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने उन पर गोली चला दी। गोली लगते ही पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त कृष्ण बुरी तरह घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज अभी चल रहा है।
इस घटना के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को ‘बिहारी होने’ से जोड़ते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार में बिहारी होना ही सबसे बड़ा अपराध बन गया है।” तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पांडव कुमार को सिर्फ इसलिए गोली मारी गई क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में भी बिहार के लोगों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।
तेजस्वी यादव ने दिल्ली में हुए गोलीकांड को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस जगह यह घटना हुई, वहाँ से लेकर केंद्र तक लगभग हर स्तर पर बीजेपी की सरकार है, फिर भी क्या एक गरीब बिहारी युवक को न्याय मिल पाएगा। तेजस्वी ने यह भी कहा कि 21 साल से नीतीश-बीजेपी की नीतियों की वजह से बिहार के लोगों को काम के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। वहां भी उन्हें सम्मान नहीं मिलता, बल्कि अक्सर शक और भेदभाव की नजर से देखा जाता है।
इस घटना को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली दिल्ली पुलिस पर ही गंभीर आरोप लग रहे हैं, जो बहुत चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी को सिर्फ पहचान के आधार पर अपराधी समझ लेना सही है? साथ ही यह भी कहा गया कि बड़े नेता इस मामले पर चुप हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाए।