Delhi truck strike: दिल्ली में 3 दिन की ट्रक हड़ताल से फल, सब्जी और दूध जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई और बजट पर पड़ने की आशंका है।
3 day truck strike Delhi: दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। ट्रक ऑपरेटरों ने मालवाहक वाहनों पर बढ़ाए गए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) और BS-4 वाहनों पर आगामी प्रतिबंध के विरोध में 22 से 24 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इस चक्का जाम के कारण राजधानी में फल, सब्जी, दूध, दवा और कपड़ा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में हुई ट्रक यूनियनों की बैठक में सरकार के तीन प्रमुख फैसलों पर कड़ा विरोध दर्ज किया गया है-
यूनियनों का तर्क है कि ईसीसी केवल उन ट्रकों पर लगना चाहिए जो दिल्ली का उपयोग सिर्फ एक ट्रांजिट रूट के रूप में करते हैं। जो वाहन दिल्ली के नागरिकों के लिए राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर आते हैं, उन्हें इस दंड से मुक्त रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, BS-4 वाहनों पर प्रतिबंध को लेकर ऑपरेटरों का कहना है कि 2020 तक पंजीकृत लगभग 17 लाख वाहन इससे प्रभावित होंगे, जो कोरोना काल के कारण मात्र चार साल ही चल पाए हैं।
आपको बता दें कि ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने चेतावनी दी है कि यह तीन दिवसीय हड़ताल एक सांकेतिक विरोध है। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो बाहरी राज्यों से आने वाले किसी भी मालवाहक वाहन की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी जाएगी और यह चक्का जाम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस बैठक में ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने भी अपना समर्थन दिया है।