
Delhi Weather Today: दिल्ली-एनसीआर में मार्च का महीना जाते-जाते मौसम के कई रंग दिखा रहा है। बीते दो दिनों से हो रही बेमौसम बरसात और तेज हवाओं ने तापमान में गिरावट तो ला दी है, लेकिन आम जनजीवन के लिए कुछ मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भी राहत और आफत का यह सिलसिला जारी रहेगा। आज दिन भर आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की प्रबल संभावना है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटा की औसत गति से हवाएं चलेंगी, जो बीच-बीच में 40 किमी प्रति घंटा के झोंकों में बदल सकती हैं। मौसम विभाग ने अचानक आने वाले इस बदलाव को देखते हुए पहले ही येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
दिल्ली और इसके पड़ोसी इलाकों में सोमवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि भारतीय मौसम विभाग को अपना अलर्ट लेवल बदलना पड़ा। शुरुआत में हल्की बारिश का अनुमान था, लेकिन तेज हवाओं और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बिगड़ी स्थिति को देखते हुए विभाग ने तुरंत येलो अलर्ट को ऑरेंज में अपग्रेड कर दिया। यह अलर्ट सोमवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहा, जो मध्यम दर्जे की बारिश और तेज रफ्तार हवाओं की चेतावनी दे रहा था।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली-NCR के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। आज दिन भर आसमान में बादलों का पहरा रहेगा, हालांकि बीच-बीच में हल्की धूप भी खिल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान वे विशेष सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
मौसम विभाग (IMD) ने हरियाणा के फरुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहना, रेवाड़ी, पलवल, नारनौल, बावल और नूंह के साथ-साथ राजस्थान के भिवाड़ी और खैरथल के लिए भी कड़ी चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ बिजली कड़कने, हल्की बारिश और 60 से 80 किमी प्रति घंटा की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसमी उथल-पुथल की मुख्य वजह उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर बना 'पश्चिमी विक्षोभ' और उत्तर-पश्चिम राजस्थान में सक्रिय 'चक्रवाती परिसंचरण' है। राहत की उम्मीद अभी कम है, क्योंकि 2 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जिसके प्रभाव से 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली-NCR में एक बार फिर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार होने की भी उम्मीद है क्योंकि इससे प्रदूषकों का फैलाव होता है। हाल के रुझानों से पता चलता है कि हल्की बारिश भी थोड़े समय के लिए राहत दे सकती है। बारिश के बाद दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पहले भी सुधरा है, हालांकि यह अक्सर खराब से बहुत खराब श्रेणी में ही रहता है, जो आंशिक राहत को दर्शाता है। ऐसे मौसम में चलने वाली तेज़ हवाएं भी प्रदूषकों को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में स्पष्ट लेकिन अस्थायी सुधार होता है।