नई दिल्ली

इंदौर के बाद अब ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी की सप्लाई, कई लोग बीमार

Drinking water माना जा रहा है कि पेयजल वाली पाइप लाइन में सीवरेज का पानी मिक्स हो गया।
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Noida
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Drinking water इंदौर की घटना के बाद अब ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है। यहां सेक्टर डेल्टा वन में पेयजल आपूर्ति में सीवरेज का पानी मिल गया। इस पानी को पीने से कई बच्चों समेत दर्जनों लोग बीमार हो गए। इन्हे उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत हैं। यह खबर मिलते ही ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( GNIDA ) ने बुधवार को इन क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगवाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करवाई। इसके साथ ही पाईपलाइन की मरम्मत कराई गई हैं दूषित पानी की सप्लाई से प्रभावितों क्षेत्रों में ओआरएस, ग्लूकोज और एंटी-एसिड जैसी दवाइयों का वितरण भी कराया है। यहां से लिए गए पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

अचानक बिगड़ना शुरू हो गई बच्चों की हालत

इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत हो चुकी गई थी और सैकड़ों लोगों के अस्पताल भर्ती होना पड़ा था। ऐसे ही हालत की आशंका ग्रेटर नोएडा में उस वक्त हो गई जब पीने के पानी वाली पाइप लाइन में लिकेज होकर दूषित पानी आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। पुरानी पाइप लाइन होने की वजह से अक्सर यहां ऐसा हो जाता है। इस घटना के बाद पाइप लाइनों में सुधार किया गया है। GNIDA के सहायक प्रबंधक जल विभाग मनोज चौधरी ने बताया कि ब्लॉक-सी में जर्जर पाईपलाइन में लीकेज मिला था जिसे ठीक करवा दिया गाय है। इसके अलावा सेक्टर में दो अन्य जगहों पर ही लीकेज मिले। इनकी पाईप लाइन को भी बदल दिया गया है। इसके बाद जो पानी के सेंपल लिए गए हैं उनकी रिपोर्ट सामान्य आई है।

लगाया गया हेल्थ कैंप ( Drinking water )

सीएचसी कासना की ओर से यहां एक स्वास्थ्य कैंप में भी लगाया गया। लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई और उनके सेंपल लिए गए। सीएमएस डॉक्टर नारायण किशोर के अनुार बुधवार आरडब्ल्यूए से सूचना मिलने पर मेडिकल कैंप लगाया गया था। इस कैंप में करीब 30 लोगों की जांच की गई। इनमें से पांच से छह को दवाईयां दी गई। बाकी को ओआरएस लेने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि हालात अब सामान्य हैं अगर दोबारा आवश्यकता पड़ी तो फिर से कैंप लगाया जाएगा।

स्थानीय लोगों का दावा 12 से अधिक लोगों की हालत बिगड़ी

स्थानीय लोगों ने बताया कि, रविवार से पानी की सप्लाई में गंदा पानी आने की आशंका है। सोमवार से बच्चों का बीमार होना शुरू हो गया था। सेक्टर डेल्टा-वन RWA के अध्यक्ष प्रमोद भाटी ने मीडियाकर्मियों को दिए एक बयान में दावा किया है दूषित पानी की सप्लाई से बीमार होने वाले 12 लोगों की जानकारी तो उनके पास है। इनमें 10 से 15 वर्ष के बच्चे भी हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीज ब्लॉक-सी के रहने वाले हैं। दो दिन पहले पाईप लाइन में लिकेज हुआ था। यह भी बताया कि एक सप्ताह में पाईप लाईन के खराब होने का यह तीसरा मामला है। इससे पहले ब्लॉक-एफ में भी इसी तरह की लीकेज हो चुका है।

ऐसे हुई दूषित पानी की आपूर्ति ( Drinking water )

स्थानीय लोगों का मानना है कि गंदे पानी की सप्लाई पेयजल आपूर्ति वाली पाईप लाइन में हो गई। सीवर लाइन खराब होने पर सीवर लाइन को नाले में मोड़ दिया गया था। उसी जगह से पेयजल वाली पाईप लाइन जा रही है। आशंका है कि इसी वजह से सीवरेज का पानी पेयजल वाली लाइन में मिक्स हो गया।

Updated on:
08 Jan 2026 12:17 pm
Published on:
08 Jan 2026 12:17 pm