
DU Women Hostel Protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर वुमेन (UHW) में गुरुवार रात छात्राओं और प्रशासन के बीच मामला काफी गरमा गया। बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल के बाहर और कैंपस की सड़कों पर धरने पर बैठ गईं और यह प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी छात्राओं का समर्थन किया है। बता दें यह विरोध ऐसे समय में हुआ, जब कई छात्राएं सेमेस्टर एग्जाम और NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
छात्राओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हॉस्टल में माहौल लगातार खराब होता जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने प्रशासन पर जबरन हॉस्टल खाली कराने और अतिरिक्त पैसे वसूलने जैसे गंभीर आरोप लगाए। AISA के अनुसार कुछ ब्लॉकों में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई थी, जिससे रहने वाली छात्राओं को काफी दिक्कत हुई। वहीं पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाले रीडिंग रूम से कुर्सियां हटाने का भी आरोप लगाया गया। छात्राओं का कहना है कि एग्जाम और NEET की तैयारी के बीच ऐसी चीजों ने उन्हें काफी परेशान कर दिया है।
छात्र संगठन का आरोप है कि हॉस्टल प्रशासन छात्राओं पर हॉस्टल खाली करने का दबाव बना रहा है। संगठन के अनुसार कई छात्राओं ने जून और जुलाई तक की फीस पहले ही जमा कर दी थी, लेकिन इसके बाद भी उन्हें बाहर जाने के लिए कहा जा रहा है। AISA ने यह भी कहा कि 16 मई को हुए पहले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने सुविधाएं ठीक करने और रहने की समय सीमा बढ़ाने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में अपने वादे से पीछे हट गया। अब छात्राओं से रोजाना 450 रुपये अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं।
छात्राओं ने UHW प्रोवोस्ट के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्राओं के साथ सही व्यवहार नहीं किया गया और उनकी परेशानियों को नजरअंदाज किया गया। AISA ने मांग की है कि छात्राओं को बिना किसी अतिरिक्त पैसे या जुर्माने के हॉस्टल में रहने दिया जाए और सभी जरूरी सुविधाएं फिर से ठीक तरीके से शुरू की जाएं। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस वजह से छात्राओं का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।