
Raghav Chadha: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2026 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार में से तीन सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। इस चुनावी सफलता पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने विजेता उम्मीदवारों और संगठन के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। डूसू चुनावों में एबीवीपी के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक संदेश साझा किया।
उन्होंने लिखा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस जनादेश के जरिए यह साफ कर दिया है कि वे 'राष्ट्र प्रथम' की भावना और छात्र-केंद्रित रचनात्मक राजनीति के साथ खड़े हैं। चड्ढा ने कहा कि एक अच्छे मतदान प्रतिशत के साथ मिली यह सफलता एबीवीपी के लिए बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आई है, ताकि वे छात्रों की समस्याओं और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निष्ठा से काम कर सकें। उन्होंने इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं को दिया और कहा कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर में दिन-रात की गई अथक मेहनत के बिना यह परिणाम संभव नहीं था। उन्होंने नई चुनी गई टीम को छात्रों के कल्याण और अधिकारों के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की शुभकामनाएं दीं।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया के जरिए एबीवीपी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय का यह जनादेश देश के युवाओं की सोच को दर्शाता है, जो आज 'राष्ट्र प्रथम' की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़े हैं। शाह ने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे भी छात्र कल्याण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को नई ऊर्जा के साथ जारी रखेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एबीवीपी की जीत को 'राष्ट्र प्रथम' नीति में युवाओं के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया था।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव में एबीवीपी की शानदार सफलता पर सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि मुझे विश्वास है कि एबीवीपी छात्रों के हितों, राष्ट्र सेवा और राष्ट्र-निर्माण के लिए उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम करना जारी रखेगा। इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह जीत 'राष्ट्र प्रथम' की भावना पर आधारित सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के निरंतर विश्वास और 'विकसित भारत' की परिकल्पना में योगदान देने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।