सुबह से ही मतदान चल रहा है। उप मुख्यमंत्री के निधन के बाद शोक के बीच मतदान चल रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
Election महाराष्ट्र में आज ग्रामीण सत्ता का फैसला होने जा रहा है। राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान जारी है। कुल 2.09 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 731 जिला परिषद सीटों और 1,462 पंचायत समिति सीटों पर उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे। चुनाव परिणाम 9 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाताओं में 1.07 करोड़ पुरुष, 1.02 करोड़ महिलाएं और 473 अन्य मतदाता शामिल हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। कई जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है।
महाराष्ट्र में कुल 32 जिला परिषदें और 336 पंचायत समितियां हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के चलते 20 जिला परिषदों और 211 पंचायत समितियों के चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। इन निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा के उल्लंघन का मामला सामने आया था।
पश्चिमी महाराष्ट्र के जिले पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर में चुनाव हो रहा है। इसी तरह से मराठवाड़ा के धाराशिव, छत्रपति संभाजीनगर, लातूर और परभणी में चुनाव हो रहे हैं। इसी तरह से कोकण क्षेत्र के जिले रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में मतदान हो रहे हैं।
मतदान का एक पहलू यह भी है कि, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को विमान हादसे में आकस्मिक मृत्यु के बाद चुनावी प्रचार फीका पड़ गया। अधिकांश दलों ने बड़े रोड शो और जनसभाएं रद्द कर दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सक्रिय प्रचार से दूरी बनाए रखी। कोकण क्षेत्र में प्रस्तावित उनका प्रचार कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया था। ऐसे लोग यही कह रहे हैं कि इस बार शोक के साए में चुनाव हो रहे हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( एनसीपी ) और एनसीपी ( शरदचंद्र पवार ) गुट ने कई सीटों पर संयुक्त रूप से उम्मीदवार उतरे हैं। मतदाताओं के लिए यह भी परीक्षा की घड़ी होगी कि एनसीपी ( एसपी ) के कई प्रत्याशी एनसीपी के ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव में भावनात्मक प्रचार भी किया गया। अनेक कार्यक्रम रद्द होने के बाद एनसीपी ने अजित पवार का 24 जनवरी को रिकॉर्ड किया गया वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने मतदाताओं से पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन की अपील करते हुए कृषि, ग्रामीण विकास, युवाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही।
कुल मतदाता: 2.09 करोड़
पुरुष: 1.07 करोड़
महिलाएं: 1.02 करोड़
अन्य: 473
निर्वाचन आयोग के मुताबिक सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। अब राजनीतिक दलों की निगाहें 9 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो महाराष्ट्र की ग्रामीण राजनीति की दिशा तय करेंगे।