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धरे गए कुख्यात अपराधी ‘चूहा’ और ‘दरिंदा’, 12 से अधिक डकैती…150 मामलों में नामजद, ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने राजधानी में आतंक का पर्याय बने ‘चूहा’ उर्फ लोकेश श्रीवास्तव और ‘दरिंदा’ उर्फ संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों की चोरियों में शामिल ये दोनों आदतन अपराधी लंबे समय से पुलिस और लोगों के लिए सिरदर्द बने हुए थे।

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Delhi Police arrested two notorious criminals in an encounter

Delhi Police:दिल्ली पुलिस के नाक में दम करने वाले 'चूहा' और 'दरिंदा' गिरफ्तार हो गए हैं। दोनों ही एक कुख्यात और आदतन अपराधी हैं। इन दोनों का क्राइम करने का अलग-अलग अंदाज है। लंबे समय में दिल्लीवासियों और पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे, लेकिन अब दोनों ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। दरिंदा नाम से प्रसिद्ध अपराधी का असली नाम संजय शर्मा और चूहा नाम से फेमस अपराधी का नाम लोकेश श्रीवास्तव है। दोनों लाखों-करोड़ों की चोरी को अंजाम दे चुके हैं। वहीं, दोनों पर 100 से ज्यादा मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

एनबीटी के रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कुख्यात अपराधी संजय वर्मा और शातिर चोर लोकेश श्रीवास को गिरफ्तार किया है। संजय वर्मा, जो अपने शरीर पर बने ‘दरिंदा’, ‘महाकाल’ और ‘खतरा’ जैसे टैटू के लिए पहचाना जाता है, सरकारी फ्लैटों में लूटपाट कर सबूत मिटाने के लिए आग लगाने के तौर-तरीकों के लिए कुख्यात रहा है। 35 वर्षीय संजय वर्मा पर 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और जमानत पर रिहा होने के महज चार महीने के भीतर उसने 12 से ज्यादा डकैतियों को अंजाम दिया। वहीं, लोकेश श्रीवास दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी आभूषण चोरी की घटनाओं में से एक का मुख्य आरोपी है, जिस पर कथित तौर पर दीवार तोड़कर करीब 30 किलो सोना चुराने का आरोप है। उसके खिलाफ कई राज्यों में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं और जेल से छूटने के 48 घंटे के भीतर ही तीन चोरियों को अंजाम देने के बाद उसे फिर गिरफ्तार कर लिया गया।

चोरी करने का अलग-अलग अंदाज

दिल्ली पुलिस के अनुसार 35 वर्षीय संजय शर्मा उर्फ दरिंदा एक शातिर और खतरनाक अपराधी है, जिसके खिलाफ 100 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अपने गिरोह के साथ घरों में घुसकर लूट करता और सबूत मिटाने के लिए मकानों में आग लगा देता था। सितंबर 2025 में जेल से रिहा होने के कुछ ही समय बाद उसने आरके पुरम इलाके में दर्जनभर से अधिक वारदातों को अंजाम दिया। वहीं 32 वर्षीय लोकेश श्रीवास्तव उर्फ चूहा, जिसे ‘लोन वुल्फ’ कहा जाता है, अकेले ही बड़ी चोरियों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है। उस पर करीब 50 मामले दर्ज हैं और वह 25 करोड़ रुपये के सोने की चोरी के मामले में चर्चा में आया था। बिलासपुर जेल से 29 जनवरी को रिहा होने के 48 घंटे के भीतर ही उसने तीन दुकानों में चोरी की, लेकिन इस बार पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में दोनों अपराधियों को धर दबोचा।

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