Arvind Kejriwal: ईडी के समन की अवहेलना से जुड़े दो मामलों में कोर्ट ने आम आदमी पार्टी संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बरी कर राहत दी है।
Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को कोर्ट ने दो बड़े मामलों में राहत दी है। दरअसल, जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी समन की अनदेखी के आरोप में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दोषमुक्त कर दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा है, इसलिए इन मामलों में केजरीवाल को बरी किया जाता है। अदालत का कहना था कि प्रस्तुत साक्ष्य यह सिद्ध नहीं कर पाए कि आरोपी ने जानबूझकर ईडी के समन की अवहेलना की। उल्लेखनीय है कि ये दोनों केस ईडी द्वारा इस आधार पर दर्ज किए गए थे कि अरविंद केजरीवाल जांच एजेंसी के समन के बावजूद पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे। हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के तर्क अदालत को संतुष्ट नहीं कर सके, जिसके चलते कोर्ट ने केजरीवाल के पक्ष में फैसला सुनाया।
आपको बता दें कि केजरीवाल पर आरोप लगा था कि वह प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 50 के तहत एजेंसी द्वारा जारी समन का पालन नहीं किया था। कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी ने अलग-अलग तारीखों पर कुल पांच समन जारी किए थे, लेकिन केजरीवाल एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने वर्ष 2023 में 2 नवंबर और 21 दिसंबर तथा 2024 में 3 जनवरी और 18 जनवरी को जारी किए गए समन को अवैध बताते हुए नजरअंदाज किया था।
यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच सीबीआई द्वारा 17 अगस्त 2022 को दर्ज उस केस से जुड़ी है, जो 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। सीबीआई ने यह मामला 20 जुलाई 2022 को उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत पर दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी ने 22 अगस्त 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से केस दर्ज किया। बाद में वर्तमान सीएम अरविंद केजरीवाल को मुख्य मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उच्च न्यायालय से उन्हें जमानत मिली।