
Middle East war: मिडिल ईस्ट के देशों में जंग चल रही है, जिसका भारत में गैस, तेल जैसी कई चीजों पर असर पड़ रहा है। इन सबके साथ इस जंग ने देश की राजधानी की अदालतों को भी प्रभावित कर दिया है। दरअसल, दिल्ली की अदालतों में कुछ मामलों में जजों ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और उड़ानों के प्रभावित होने को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को राहत दी है।
आपको बता दें कि हाल ही में साकेत कोर्ट ने Al Falah University के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी। अदालत ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उनके बच्चे भारत नहीं आ पा रहे हैं, इसलिए पत्नी की देखभाल के लिए उनका बाहर आना जरूरी है। सिद्दीकी की पत्नी उस्मा अख्तर स्टेज-4 ओवरी कैंसर से पीड़ित हैं और इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में कीमोथेरेपी करवा रही हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी स्थिति में पति का साथ और देखभाल जरूरी है।
जवाद अहमद सिद्दीकी फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जांच के दायरे में हैं। यह जांच पिछले साल लाल किला के बाहर हुए कार धमाके के बाद शुरू हुई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों को इस घटना से जुड़े कुछ लोगों के विश्वविद्यालय से संबंध होने के संकेत मिले थे। सिद्दीकी के सभी बच्चे वर्ष 2017 से यूएई में रह रहे हैं और मौजूदा हालात में उड़ानें प्रभावित होने के कारण वे भारत नहीं आ सके।
इसी तरह का एक और मामला कड़कड़डूमा कोर्ट में सामने आया, जहां दहेज उत्पीड़न के एक केस में आरोपी को पेशी के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। आरोपी संजय कुमार, जो कुवैत में रहते हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। उनके वकील ने बताया कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वह भारत नहीं आ पा रहे हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए आरोपी को जमानत बांड दाखिल करने के लिए 28 मई तक का समय दे दिया। अदालत ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए यह राहत दी जा रही है।
Updated on:
11 Mar 2026 01:22 pm
Published on:
11 Mar 2026 01:21 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
