नई दिल्ली

पत्नी को सुरक्षित किया और सालियों के साथ जिंदा जल गए…बहुत दर्दनाक है विनोद जोशी की कहानी

Goa Night Club Fire Accident: गोवा के नाइट क्लब में आग लगने के बाद गाजियाबाद के विनोद कुमार पत्नी समेत बच निकले थे, लेकिन बाद में दिल्ली निवासी तीन सालियों के बचाने के चक्कर में फिर अंदर गए और जिंदा जल गए।

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गोवा अग्निकांड में दिल्ली-गाजियाबाद के चार लोगों की जलकर मौत।

Goa Night Club Fire Accident: पत्नी और सालियों के साथ गोवा ट्रिप पर पहुंचे विनोद को नहीं पता था कि 4 दिसंबर की रात उसकी आखिरी रात होगी। नाच-गाने और मस्ती के बीच उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' में लगी आग ने सिर्फ एक इमारत नहीं जलाई, बल्कि कई परिवारों के सपनों और जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। इस हादसे में करीब 25 लोगों की जान गई। इसमें सबसे दर्दनाक कहानी दिल्ली-गाजियाबाद के जोशी परिवार की है। इस हादसे ने भावना जोशी की पूरी दुनिया ही उजाड़ दी। जिस गोवा ट्रिप पर वह अपने पति विनोद कुमार और तीन बहनों अनीता, सरोज और कमला के साथ गई थीं, वो पल उनकी जिंदगी का सबसे भयानक दुःस्वप्न बन गया।

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पत्नी के साथ बचकर बाहर आ गए थे विनोद

उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' में जब आग लगी तो विनोद अपनी पत्नी के साथ बचकर बाहर आ गए थे, लेकिन बाहर आकर पता चला कि विनोद के साथ आईं उनकी तीन सालियां अंदर ही फंसी हैं। इसपर विनोद पत्नी को सुरक्षित बाहर छोड़कर फिर क्लब के अंदर चले गए, लेकिन फिर बाहर नहीं आ सके। चीख-पुकार के बीच घंटों उनकी पत्नी ने वहीं पर उनका इंतजार किया, जहां विनोद ने उन्हें छोड़ा था। आग बुझने के बाद जब सभी शव बाहर निकाले गए तो उसमें विनोद और उनकी तीनों सालियों की लाशें देखकर विनोद की पत्नी गश खाकर गिर पड़ीं।

नाच-गाने और मस्ती के बीच मचा कोहराम

दरअसल, चार दिसंबर को उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' में नाच-गाने और मस्ती का माहौल था। इसी बीच आतिशबाजी से निकली एक चिंगारी ने पूरे नाइट क्लब को अपनी चपेट में लिया और देखते ही देखते नाच-गाना मस्ती चीख-पुकार में बदल गई। जिस समय नाइट क्लब में आग लगी, उस समय भावना, विनोद और उनकी सालियां डांस फ्लोर पर थीं। आग लगने से मची अफरा-तफरी के बीच पत्नी की जान बचाने के लिए विनोद ने किसी हीरो की तरह काम किया। उन्होंने अपनी पत्नी भावना को जोर से मेन गेट की तरफ धक्का दिया और खुद भी मौत के मुंह से बाहर निकल आए। धुएं और जलने की गंध से हांफती-खांसती भावना ने जैसे-तैसे खुद को क्लब के बाहर संभाला।

सालियों के बचाने के लिए दांव पर लगा दी जान

बाहर निकलकर भावना और विनोद संभल ही रहे थे कि उन्हें याद आया कि भावना की दिल्ली निवासी तीन बहनें अनीता, सरोज और कमला तो अंदर ही फंसी हैं। इसपर विनोद ने भावना को सुरक्षित स्‍थान पर छोड़ा और सालियों को बचाने के लिए फिर क्लब के अंदर जाने लगा। जाते समय उसने पत्नी से कहा कि थोड़ी देर में आता है, लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। विनोद क्लब के अंदर तो गया, लेकिन बाहर नहीं निकल पाया और तीन सालियों के साथ आग में जिंदा जल गया। पति और तीनों बहनों को खोने के गहरे सदमे में डूबी भावना के लिए यह गोवा की यात्रा उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी दुर्भाग्यशाली और कभी न भरने वाली टीस बन गई है।

पांच पर्यटक और 20 क्लब कर्मचारियों की मौत

गोवा के नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हुई। इसमें 5 पर्यटक और 20 क्लब कर्मचारी शामिल हैं। भावना ने अपने पति विनोद कुमार और अपनी तीनों बहनों सरोज जोशी, अनीता जोशी, और कमला जोशी की शिनाख्त की। भावना अपने पति विनोद के साथ गाजियाबाद में रहती थीं, जबकि उनकी तीनों बहने दिल्ली की रहने वाली हैं। इसके अलावा इस त्रासदी में उत्तराखंड, झारखंड, नेपाल, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के लोग भी काल के गाल में समा गए। नाइट क्लब के कर्मचारियों में उत्तराखंड के पांच, नेपाल के चार, झारखंड और असम के तीन-तीन, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के दो-दो और पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति शामिल था।

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