Goa Assembly Elections Result 2022: गोवा में 40 विधानसभा सीटों पर 14 फरवरी को वोटिंग हुई थी। इसमें सीएम प्रमोद सावंत और उत्पल पर्रिकर समेत 301 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। आज इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा। गोवा के बेहद लोकप्रिय भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के निधन के बाद वहां पहली बार चुनाव हुए हैं।
Goa Assembly Election Result 2022: गोवा में विधानसभा चुनाव के लिए एक चरण में 14 फरवरी को वोट डाले गए थे। यहां की 40 सीटों के लिए बीजेपी, कांग्रेस, आप, टीएमसी, सहित महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP), गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) और शिवसेना के 301 उम्मीदवार मैदान में उतरे। इनमें 5 पूर्व मुख्यमंत्री हैं- दिगंबर कामत (कांग्रेस), रवि नाईक, प्रमोद सावंत (भाजपा), लक्ष्मीकांत पारसेकर (निर्दलीय) और चर्चिल अलेमाओ (टीएमसी). राज्य के 11 लाख मतदाताओं ने इन सभी की चुनावी किस्मत का फैसला किया है। 7 मार्च को आए एक्जिट-पोल में बताया गया है कि गोवा में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। इसके बाद हर किसी को 2017 की कहानी याद आ रही है। उस वक्त भी किसी दल को गोवा में बहुमत नहीं मिला था।
राज्यपाल से मिलेंगे बीजेपी नेता
गोवा में रुझानों के साथ ही बीजेपी ने अपना अगला कदम उठाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि रुझानों में 18 सीटों पर बढ़त के बाद बीजेपी को उम्मीद है कि नतीजे भी इसी तरह आएंगे। लिहाजा बीजेपी खेमे में खुशी की लहर है। बीजेपी नेता आज ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा ठोक सकते हैं।
गोवा विधानसभा चुनाव को लेकर काउंटिंग जारी है। 11.30 बजे तक आए रुझानों के मुताबिक बीजेपी बहुमक के आंकड़े करीब पहुंच रही है। जबकि कांग्रेस को खासा नुकसान होता दिख रहा है। बीजेपी 40 में से 18 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस के 8 सीटों के नुकसान के साथ 12 सीटों पर आगे हैं। वहीं बड़े चेहरों की बात करें तो पूर्व सीएम और बीजेपी के दिवंगत नेता मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल बनर्जी पणजी सीट से पीछे चल रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री मंत्री प्रमोद सावंत शुरुआत में पिछड़ने के बाद अब अपने प्रतिद्वंदी से आगे चल रहे हैं।
गोवा विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है। अब तक के आए रुझानों के मुताबिक बीजेपी 21 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। बीजेपी को जहां 8 सीटों का फायदा दिख रहा है, वहीं कांग्रेस 9 सीटों से पिछड़ती नजर आ रही है। खास बात यह है कि पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर पणजी सीट से पीछे चल रहे हैं। उन्होंने इस सीट पर बीजेपी से टिकट मांगा था, लेकिन बीजेपी ने इनकर कर दिया था।
गोवा विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। शुरुआती एक घंटे के रुझानों के बीच गोवा में बीजेपी खेमे में खुशी की लहर नजर आ रही है। बीजेपी 15 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस ने 5 पर बढ़त बना रखी है। बीजेपी को इस बार 5 सीटों का फायदा दिख रहा है जबकि कांग्रेस 8 सीटों पर पिछड़ती नजर आ रही है। आप को दो सीटों पर फायदा नजर आ रहा है, जबकि टीएमसी 1 सीट पर आगे चल रही है।
गोवा विधानसभा चुनाव को लेकर मतगणना शुरू हो गई है। शुरुआती रुझानों के बीच बीजेपी को यहां फायदा होता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है। बीजेपी को जहां 8 सीटों पर बढ़त दिख रही है वहं कांग्रेस के लिए चार सीटों का नुकसान नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि इस बार भी गोवा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्कर कांटे की होगी।
किस दल ने किया गठबंधन
सत्ताधारी बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने इस बार अकेले चुनाव लड़ा है। जबकि विपक्षी कांग्रेस जीएफपी के साथ है। टीएमसी ने एमजीपी से हाथ मिलाया तो शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) साथ मिलकर चुनाव में उतरी।
यह भी पढ़ें - विधानसभा चुनाव 2022: ज्योतिषीय विश्लेषण से समझें इस बार किस राज्य में किसकी सरकार बनने की है संभावना
इन मुद्दों पर रहा फोकस
गोवा विधानसभा का चुनाव मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, खनन गतिविधियां और विकास के मुद्दे इर्द-गिर्द घूमा। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने मनोहर पर्रिकर के कामों और उनकी छवि को भी अपने प्रचार का माध्यम बनाया, लेकिन पर्रिकर का मसला ही बीजेपी के लिए परेशानी का कारण भी बना। क्योंकि पर्रिकर के पुत्र उत्पल (Utpal Parrikar) को पार्टी ने उनके पिता की पणजी (Panajim) सीट से टिकट नहीं दिया।
इसके बाद बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवार अतनासियो मोंसरैट के खिलाफ निर्दलीय ही चुनाव में उतर गए।
किस दल ने क्या किया वादा
गोवा चुनाव में कांग्रेस (Congress) ने साफ-सुथरी सरकार (Corruption Free Govt) देने का वादा किया। इसके साथ ही ‘दल-बदल की बीमारी से मुक्ति’ दिलाने का भी वादा किया है।
जबकि बीजेपी की बात करें तो मुफ्त घरेलू गैस सिलिंडर का वादा किया। पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़ाने का भरोसा दिलाया। इसी तरह, आम आदमी पार्टी ने मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा के साथ ही विधानसभा में अनुसूचित जनजाति के लिए 12.5% आरक्षण सुनिश्चित करने का वादा किया।
जबकि, टीएमसी ने महिला-समर्थक योजनाएं लाने, 20,000 नौकरियां देने और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 80% आरक्षण गोवा के लोगों का देने वादा किया।
यह भी पढ़ें - गोवा के 301 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 10 को