15 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली पुलिस ने पकड़ी नकली कपड़ों की ‘फैक्ट्री’, लेवाइस और ज़ारा जैसी नामी कंपनियों की 3400 जींस जब्त

Delhi Police Raid: दिल्ली पुलिस ने नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी कर नकली ब्रांडेड कपड़ों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। लेवाइस, ज़ारा और टॉमी हिलफिगर जैसी नामी कंपनियों की 3400 से ज्यादा नकली जींस और 9000 लेबल जब्त किए गए हैं। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की जांच कर रही है।

2 min read
Google source verification
Delhi Police Raid

AI PHOTO

Fake Branded Clothes Racke: देश की राजधानी में नकली सामान बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पश्चिमी दिल्ली के नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस ने एक ऐसे संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के नाम पर घटिया क्वालिटी के कपड़े तैयार कर बाजारों में सप्लाई कर रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में नकली ब्रांडेड जींस, हजारों लेबल और मशीनें बरामद की हैं।

चार ठिकानों पर एक साथ 'सर्जिकल स्ट्राइक'

नारायणा थाना पुलिस को पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि इंडस्ट्रियल एरिया की कुछ इकाइयों में मशहूर इंटरनेशनल ब्रांड्स के कॉपीराइट का उल्लंघन कर नकली कपड़े बनाए जा रहे हैं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट से वारंट हासिल किया। 12 मई को पुलिस की विशेष टीमों ने संबंधित ब्रांडों के अधिकृत प्रतिनिधियों को साथ लेकर चार अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

जैसे ही पुलिस दफ्तरों और फैक्ट्रियों के अंदर दाखिल हुई, वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। वहां बड़े पैमाने पर ब्रांडेड कंपनियों के नकली लेबल लगाए जा रहे थे और पैकिंग का काम चल रहा था।

3,400 जींस और 9,000 नकली लेबल बरामद

छापेमारी के दौरान जो सामान बरामद हुआ, उसकी सूची काफी लंबी है। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों से कुल 3,410 नकली ब्रांडेड जींस जब्त की हैं। बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:

  • Levi's: 780 जोड़ी नकली जींस
  • Zara: 720 जोड़ी नकली जींस
  • Calvin Klein: 540 जोड़ी नकली जींस
  • Tommy Hilfiger: 470 जोड़ी नकली जींस

इसके अलावा, पुलिस ने 7,000 से 9,000 के बीच नकली लेबल, पैकेजिंग मटेरियल और 7 औद्योगिक सिलाई मशीनें भी जब्त की हैं। इन मशीनों का उपयोग नकली टैग सिलने और फिनिशिंग देने के लिए किया जाता था।

चार आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश

इस गोरखधंधे में शामिल चार मुख्य आरोपियों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विपिन सरदाना, ऋषभ गर्ग, नीरज भाम्बरी और रवि प्रकाश के रूप में हुई है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह कच्चा माल कहाँ से लाते थे और तैयार नकली जींस को दिल्ली के किन-किन थोक बाजारों (जैसे गांधी नगर या टैंक रोड) में सप्लाई किया जाता था।

उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह रैकेट न केवल नामी कंपनियों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी धोखा दे रहा था। लोग 'ब्रांड' के नाम पर मोटी रकम चुकाते थे, जबकि उन्हें बहुत ही घटिया दर्जे का कपड़ा दिया जा रहा था।

नारायणा पुलिस स्टेशन में कॉपीराइट और जालसाजी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे भारी डिस्काउंट के लालच में न आएं और ब्रांडेड कपड़े केवल अधिकृत स्टोर या प्रमाणित शोरूम से ही खरीदें। इस ऑपरेशन से दिल्ली के नकली बाजार चलाने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया है।