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‘रातभर इंतजार करता रहा, फिर थाने से आया कॉल’, दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के पति का छलका दर्द

Delhi Bus Crime: दिल्ली के चलती बस गैंगरेप मामले में पीड़िता के पति ने उस रात की दर्दनाक कहानी बताई, जब वह पूरी रात पत्नी के घर लौटने का इंतजार करते रहे। अगले दिन रानी बाग पुलिस स्टेशन से आए फोन ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। पुलिस ने मामले में बस चालक और हेल्पर को गिरफ्तार कर लिया है।

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Delhi Bus Gangrape Case

दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के पति का छलका दर्द

Delhi Bus Gangrape Case: दिल्ली के चलती बस गैंगरेप मामले में पीड़िता के पति ने उस भयावह रात की आपबीती साझा करते हुए कहा कि वह पूरी रात पत्नी के घर लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन अगली सुबह उन्हें पता चला कि उनके साथ दरिंदगी हुई है। यह घटना 11 मई की रात की है, जिसने लोगों को निर्भया कांड की याद दिला दी। मामले में पुलिस ने एक दिन बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

हिंदुस्तान टाइम की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के पति ने बताया कि सोमवार को पूरा परिवार सुल्तानपुरी में महिला के भाई के घर शिफ्टिंग में मदद करने गया था। देर शाम वह अपनी तीन बेटियों 4, 6 और 9 साल की बच्चियों के साथ घर लौट आए, जबकि उनकी पत्नी वहीं रुक गई थीं। पति के मुताबिक महिला के पास मोबाइल फोन नहीं था। रात करीब 10:30 बजे उन्होंने पत्नी के भाई को फोन किया, जिन्होंने बताया कि वह घर के लिए निकल चुकी है। इसके बाद वह पूरी रात पत्नी के लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह घर नहीं पहुंचीं।

स्टेशन से आया फोन

अगले दिन महिला ने रानी बाग पुलिस स्टेशन से फोन कर पति को वहां बुलाया। पति ने बताया कि थाने पहुंचने पर पत्नी ने बताया कि चलती बस में उसके साथ गैंगरेप हुआ है और पुलिस उसे मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के लिए ले जा रही है। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान उनकी पत्नी को चोटें भी आईं और उसके चेहरे व हाथों पर जख्म थे। परिवार को बाद में पता चला कि महिला को जबरन बस में खींचा गया था और दो लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

पति ने की पुलिस की सराहना

पीड़िता के पति ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने महिला के थाने पहुंचते ही मदद की, उसका बयान दर्ज किया गया, मेडिकल जांच कराई गई और बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि परिवार आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग करता है।

एक फैक्ट्री में काम करती थी पीड़िता

पुलिस के अनुसार, पीड़िता मंगलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करती है और अपने परिवार के साथ पीतमपुरा में रहती है। घटना वाली रात वह काम खत्म कर घर लौट रही थी। शिकायत के मुताबिक, उसने कुछ दूरी ई-रिक्शा से तय की और फिर पैदल चलने लगी। सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास एक स्लीपर बस रुकी, जहां महिला ने बस के पास खड़े व्यक्ति से समय पूछा। आरोप है कि उसी दौरान आरोपी ने उसे पास बुलाकर जबरन बस के अंदर खींच लिया। इसके बाद चलती बस में दोनों आरोपियों ने कई किलोमीटर तक उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास उसे छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस का बयान

आउटर दिल्ली के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) (दुष्कर्म), 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) और 3(5) (साझा आपराधिक मंशा) के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले उमेश कुमार और रामेंद्र कुमार के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।