
Delhi Murder Case:बिहार के सुपौल के रहने वाले समाजसेवी गुड्डू बादशाह की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते गुड्डू को पहले समझौते के लिए दिल्ली बुलाया गया और फिर एक सुनसान जगह पर ले जाकर गोली मार दी गई।
पुलिस के मुताबिक, गुड्डू को बिहार से दिल्ली बुलाने के लिए आरोपियों ने उनसे समझौता करने की बात कही थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर इलाके में एक किराए के ठिकाने पर ले जाया गया। यहीं उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और लगातार ठिकाने बदलते रहे। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों तक पहुंचने की थी।
जांच में पुलिस को गुड्डू के परिचित फारुख की भूमिका पर शक हुआ। घटना के दौरान फारुख भी घायल हुआ था। शुरुआत में उसने खुद को पीड़ित बताया और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
लेकिन बाद में उसकी बातों और कॉल रिकॉर्ड में कुछ ऐसी चीजें सामने आईं, जिससे पुलिस का शक उस पर बढ़ गया। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी कथित भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस के मुताबिक, शमशाद और अशफाक ने इंटरनेट कॉल के जरिए हत्या की योजना बनाई थी। इसके बाद दूसरे लोगों को भी इस साजिश में शामिल किया गया।
हत्या के बाद आरोपी एक जगह टिककर नहीं रहे। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड के साथ-साथ दूसरी तकनीकी जानकारी जुटाई। इसके अलावा पुलिस टीम ने अलग-अलग जगहों पर जाकर भी सुराग तलाशे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों का करीब 12 हजार किलोमीटर तक पीछा किया गया और पांच राज्यों में दबिश दी गई। आखिरकार पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में फारुख, आफताब, इरफान, शमशाद, अशफाक, रहमतुल्लाह उर्फ छोटू, अमन यादव और शोएब अख्तर शामिल हैं।
पुलिस ने एक आरोपी की निशानदेही पर पिस्टल, मैगजीन और कारतूस भी बरामद किए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या किसी दूसरे हथियार का।
पुलिस बाकी संभावित आरोपियों और हथियारों की भी तलाश कर रही है। साथ ही पुरानी रंजिश की वजह और गुड्डू को दिल्ली बुलाने की पूरी योजना के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।