नई दिल्ली

700 नशीली गोलियां, 100 करोड़ का माल…दिल्ली में स्पेशल फोर्स ने महिला समेत चार विदेशी पकड़े

Drug Syndicate Busted: एला ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह दिल्ली स्थित एक बड़े ड्रग कार्टेल का हिस्सा है और यह माल उसने चंदर विहार के अमोरका नामक व्यक्ति से खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने अमोरका की तलाश शुरू की।
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Updated: 19 Nov 2025, 6:14 PM IST
Inter-state drug syndicate busted in Delhi drug manufacturing unit dismantled
दिल्ली में चार विदेशी ड्रग तस्कर गिरफ्तार।

Drug Syndicate Busted: दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने एक बड़े ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश करते हुए 4 विदेशी तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 20 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन, 700 नशीली गोलियां, प्रीकर्सर रसायन और ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। बरामद पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक अत्यंत सक्रिय और संगठित इंटर-स्टेट ड्रग सिंडिकेट था, जिसे दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से संचालित किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, दक्षिणी रेंज को 1 नवंबर को दिल्ली/एनसीआर के माध्यम से देश के विभिन्न शहरों में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अफ्रीकी मूल के व्यक्तियों की सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर एसीपी नीरज कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर रणजीत सिंह और इंस्पेक्टर संजीव कुमार की टीम ने एक विशेष ऑपरेशन की योजना बनाई।

धौला कुआं से महिला तस्कर दबोची

1 नवंबर की आधी रात धौला कुआं बस स्टैंड के पास पुलिस टीम ने जाल बिछाया। इसी दौरान लाल ट्रॉली बैग लेकर जा रही एक महिला की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं। पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ करते हुए उसके सामान की तलाशी ली। महिला की पहचान एजेबुएनयी एस्तेर ओसिता उर्फ एला के रूप में हुई। उसके बैग से प्लास्टिक की थैलियों में छिपाए गए 17.146 किलो मेथामफेटामाइन और 440 ग्राम वजन की 700 नशीली गोलियां बरामद हुईं। एला ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह दिल्ली स्थित एक बड़े ड्रग कार्टेल का हिस्सा है और यह माल उसने चंदर विहार के अमोरका नामक व्यक्ति से खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने अमोरका की तलाश शुरू की।

मोबाइल ड्रग फैक्ट्री का खुलासा

5 नवंबर को पुलिस ने दीपक विहार और चंदर विहार क्षेत्र में छापेमारी की और चार्ल्स चिमुन्या एबेरोनवु उर्फ न्वातायानाचिदिनामा अमोरका को गिरफ्तार किया। उसके पास से करीब 3 किलो मेथामफेटामाइन मिला। इसके अलावा पुलिस ने टेक चंद कॉलोनी, निलोठी एक्सटेंशन में एक ‘मोबाइल ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ का भी पता लगाया। इस सेंटर से प्रीकर्सर रसायन, कैल्शियम क्लोराइड, मेथनॉल, कई अन्य रसायन, सॉल्वैंट्स और मादक पदार्थ बनाने के उपकरण बरामद किए गए। इससे पता चलता है कि ड्रग्स की आपूर्ति के साथ-साथ इनकी प्रोसेसिंग और निर्माण भी दिल्ली में ही किया जा रहा था। अमोरका ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह चिनोये इमैनुएल की मदद से ड्रग्स तैयार करता था। पुलिस ने 6 नवंबर को चिनोये इमैनुएल को भी गिरफ्तार कर लिया।

बेंगलुरु में सक्रिय तस्कर भी पकड़ा गया

तकनीकी निगरानी और कॉल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण के बाद 7 नवंबर को पुलिस टीम ने बेंगलुरु में छापा मारकर कार्टेल के एक और सक्रिय सदस्य दियारा इद्रिस उर्फ व्हाइट मनी को गिरफ्तार किया। उसने कबूल किया कि वह एला और अन्य अफ्रीकी महिलाओं के माध्यम से अमोरका और चिनोये से ड्रग्स लेकर बेंगलुरु में बेचता था।

तरीका-ए-वारदात

जांच में सामने आया कि एला दिल्ली के जनकपुरी, विकासपुरी, उत्तम नगर और अन्य बाजारों से ड्रग्स लेकर ट्रेन से बेंगलुरु व मुंबई सप्लाई करती थी। अमोरका दिल्ली में ड्रग निर्माण और सप्लाई दोनों का संचालन करता था और पिछले तीन सालों से इस धंधे में सक्रिय था। चिनोये इमैनुएल मोबाइल यूनिट में ड्रग्स तैयार करता था। इद्रिस बेंगलुरु में लोकल नेटवर्क संभालता था।

विदेशी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई

चारों आरोपी बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। इस पर उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब कार्टेल के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और जांच का दायरा बढ़ाया गया है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग बरामदगी में से एक मानी जा रही है।

Updated on:
19 Nov 2025, 6:14 PM IST
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