Janakpuri School Rape Case: दिल्ली के जनकपुरी में 3 साल की बच्ची के साथ स्कूल परिसर में हुए यौन शोषण मामले में शिक्षा निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया है। नोटिस का जवाब न देने पर अब स्कूल का मैनेजमेंट छीनने और मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
Janakpuri School Rape Case: राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक नामी प्राइवेट स्कूल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां दाखिले के दूसरे ही दिन एक तीन वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप किया गया। इस जघन्य अपराध और स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा में कोताही बरतने वाले संस्थान को चलाने का अधिकार मौजूदा मैनेजमेंट के पास नहीं रहेगा।
शिक्षा निदेशालय ने 8 मई को स्कूल प्रबंधन को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर सख्त हिदायत दी थी। स्कूल को अपनी सफाई पेश करने के लिए सोमवार, 11 मई की दोपहर तक का समय दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक स्कूल की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला है। अब विभाग 'दिल्ली एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स' के तहत स्कूल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर रहा है, जिसमें स्कूल की मान्यता रद्द करना और प्रबंधन को सरकार अपने हाथ में शामिल कर रहा है।
विभाग की शुरुआती जांच में स्कूल के भीतर कई गंभीर कमियां और नियमों के खिलाफ हरकतें पाई गई हैं। स्कूल के संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों का न होना और मॉनिटरिंग सिस्टम का ठप पड़ा होना सबसे बड़ी लापरवाही मानी गई है। स्कूल प्रशासन बिना किसी सरकारी अनुमति के, मुख्य परिसर से 1 किमी दूर एक अलग निजी इमारत में छोटे बच्चों की कक्षाएं चला रहा था। आरोपी की नियुक्ति और स्कूल की 'चाइल्ड सेफ्टी पॉलिसी' को लेकर भी प्रबंधन के पास कोई ठोस जवाब नहीं था।
1 मई को बच्ची की मां की शिकायत पर जनकपुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 57 वर्षीय स्कूल केयरटेकर को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64(1) और पॉक्सो POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज है। हालांकि, 7 मई को द्वारका कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी थी, लेकिन पुलिस अब स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है।
दिल्ली सरकार ने उप-राज्यपाल और डीडीए DDA से भी सिफारिश करने की योजना बनाई है कि स्कूल को आवंटित जमीन की लीज तुरंत रद्द की जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि यह कार्रवाई अन्य स्कूलों के लिए एक नजीर बनेगी ताकि भविष्य में किसी भी मासूम की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो।