वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण से रांची कृषि खाद्य उत्पाद, कपड़ा, तसर उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। राज्य को माइक्रो, स्मॉल और मीडियम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा।
झारखंड में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने इसका शिलान्यास किया है। झारखंड को जल्द ही वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मिलने जा रहा है। इसका निर्माण कर राज्य सरकार झारखंड को बुनियादी सुविधा को बढ़ावा देने का काम करेगी। इसके साथ ही राज्य से निर्यात आधारित कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। रांची के धुर्वा के HEC स्थित कोर कैपिटल एरिया में बन रहे इस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के शिलान्यास कार्यक्रम में श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता के अलावा हटिया विधायक नवीन जायसवाल भी मौजूद रहे।
शिलान्यास करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, "यह संस्था देश और दुनिया में झारखंड के छोटे-बड़े इंडस्ट्रियल एक्टिविटी को जोड़ेगा। जिस जगह पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर खड़ा हो रहा है उसी के बगल में HEC है जो मदर फैक्ट्री के रूप में जाना जाता है। देर से ही सही वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को बनाने की शुरुआत हुई है, निश्चित रूप से इसका लाभ यहां के उद्योग जगत को मिलेगा।"
इसके आगे सीएम ने कहा, "झारखंड ना केवल खनिज संपदा के लिए मशहूर है बल्कि BIT जैसी शिक्षा संस्थान भी हैं जो देश दुनियां में नाम रोशन कर रहे हैं। ये वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। पलाश ब्रांड के जरिए महिलाएं सशक्त हो रही हैं सरकार का लक्ष्य है कि एक हजार करोड़ तक का टर्नओवर तक पलाश ब्रांड को पहुंचाया जाए।"
बताया जा रहा है कि इस सेंटर को बनाने में 44,22, 52,415 रुपए खर्च किए जाएंगे। इसे बनाने का लक्ष्य 2 साल निर्धारित किए गए हैं। 3.45 एकड़ में बनने वाले यह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर 27 मीटर ऊंचा होगा। जिडको द्वारा बनाये जाने वाले इस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बिल्डिंग का कुल ग्राउंड कवरेज 2170.48 वर्ग मीटर है।
- केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बनने वाले इस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में अंतरराष्ट्रीय कारोबार से संबंधित सारी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी।
- इस सेंटर में कंपनियो के कार्यालय होने के साथ-साथ सेमिनार व प्रदर्शनी के लिए हॉल भी होंगे, जहां निर्यात करने वाली वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगायी जा सकेगी।
- वहीं सेंटर का निर्माण होने से उद्योग जगत को बढ़ावा तो मिलेगा ही, इसके साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट और बड़े निवेश का अवसर बनेगा।
- एयर कार्गो, शिप कंटेनर और निर्यात प्रबंधन की सुविधाएं भी मिलेंगी।
- यहां करेंसी एक्सचेंज से लेकर मनी ट्रांसफर तक की सुविधाएं मिलेगा।
- वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, रांची कृषि खाद्य उत्पाद, कपड़ा, तसर उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात को बढ़ावा देगा। बता दें, झारखंड से निर्यात होनेवाली वस्तुओं में लोहा और इस्पात, ऑटो और पुर्जे शामिल हैं। झारखंड में रेशम उत्पादन का बड़ा आधार है। देश में तसर रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक है जिसका कुल उत्पादन में 76.4% है।
- राज्य को माइक्रो, स्मॉल और मीडियम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा।
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