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UP के युवक ने क्यों तोड़ा दिल्ली विधानसभा का गेट? बीटेक छात्र की कहानी और घर के झगड़े ने खड़ा किया ‘सुरक्षा संकट’

Delhi Assembly Security Breach: दिल्ली विधानसभा गेट क्रैश मामले में खुलसा करते हुए दिल्ली पुलिस ने बताया है कि आरोपी सरबजीत सिंह अपने बीटेक छात्र भांजे के लापता होने से परेशान था। डिप्रेशन और दवाएं छोड़ने के कारण उसने इस घटना को अंजाम दिया।

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Why did a youth from UP break the gate of Delhi Assembly

यह घटना किसी भी आतंकी साजिश का हिस्सा नहीं था

Delhi Assembly: बीते सोमवार को दिल्ली विधानसभा के वीआईपी गेट को अपनी एसयूवी से टक्कर मारकर सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ाने वाले सरबजीत सिंह (37) की कहानी अब सामने आ गई है। दरअसल, पुलिस ने छानबीन की पता चला है कि यह घटना किसी भी आतंकी साजिश का हिस्सा नहीं था। बल्कि एक पारिवारिक कलह, भांजे की गुमशुदगी और सरबजीत की मानसिक स्थिति का परिणाम था।

पुलिस के अनुसार, सरबजीत अपने जीजा हरप्रीत से इस बात को लेकर बेहद नाराज था कि उसने अपने भांजे के लापता होने की खबर उससे क्यों छिपाई। हरप्रीत का बेटा अरमान (20), जो दिल्ली के GTBIT कॉलेज में बीटेक सेकंड ईयर का छात्र है, 1 अप्रैल से लापता है। वहीं, सरबजीत पिछले 7-8 सालों से डिप्रेशन का इलाज करा रहा है, इसी वजह से परिवार ने उसे अरमान के गायब होने की जानकारी नहीं दी थी, ताकि वह मानसिक रूप से विचलित न हो जाए।

घटना से पहले पंजाब में हुआ था झगड़ा

सरबजीत पीलीभीत में राइस मिल का बिजनेस संभालता है। जब उसे भांजे के बारे में पता चला, तो वह अपनी टाटा सिएरा (Tata Sierra) कार लेकर आनंदपुर साहिब पहुंचा, जहां परिवार अरमान की तलाश कर रहा था। जीजा हरप्रीत ने जानकारी दी कि सरबजीत ने पिछले एक हफ्ते से अपनी डिप्रेशन की दवाएं नहीं ली थीं, जिससे वह काफी आक्रामक हो गया था। उसने परिवार से झगड़ा किया कि वे दिल्ली पुलिस से मदद क्यों नहीं ले रहे। सोमवार सुबह वह अचानक किसी को बिना बताए अपनी गाड़ी लेकर दिल्ली के लिए निकल गया।

विधानसभा में क्या हुआ?

सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे सरबजीत सिंह ने दिल्ली विधानसभा के वीआईपी गेट को अपनी कार से टक्कर मारी और परिसर के भीतर दाखिल हो गया, जहां वह करीब 6 मिनट तक रहा और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय के बाहर उनके लिए लाया गया एक गुलदस्ता व गेंदे के फूलों की माला छोड़कर फरार हो गया। हालांकि, घटना के महज एक घंटे बाद पुलिस ने उसे रूप नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस बीच दिल्ली पुलिस की टीमें उसके लापता भांजे और बीटेक छात्र अरमान की तलाश में भी सरगर्मी से जुटी हैं। अरमान को आखिरी बार 1 अप्रैल को दिल्ली से बस द्वारा जाते हुए देखा गया था और उसकी अंतिम लोकेशन आनंदपुर साहिब के नांगल में ट्रेस हुई थी, जिसके बाद से उसका फोन बंद है। परिवार ने उसकी जानकारी देने वाले के लिए 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की है।

परिवार की बढ़ी मुश्किलें

हरप्रीत, जो खुद एक कानून स्नातक और किसान हैं, ने बताया कि वे पहले से ही बेटे के गायब होने के गम में थे और अब सरबजीत की इस हरकत ने उनकी मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस सरबजीत से पूछताछ कर रही है और उसके मेडिकल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है।