नई दिल्ली

17 साल तक आदिवासी लड़की से शारीरिक शोषण, कई बार रेप और जबरन गर्भपात, काम दिलाने के बहाने लाया था दिल्ली

Delhi Crime: दिल्ली में झारखंड की आदिवासी युवती के साथ 17 साल तक बंधुआ मजदूरी और दरिंदगी का मामला सामने आया है। 15 साल की उम्र में कैद की गई पीड़िता ने कई बार रेप और जबरन गर्भपात का दर्द सहा।

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Apr 30, 2026
jharkhand woman rescued delhi
PHOTO PATRIKA

Delhi Crime: देश की राजधानी दिल्ली से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां झारखंड की एक 32 वर्षीय आदिवासी महिला को पिछले 17 वर्षों से एक कोठी में बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया था। काम के बहाने दिल्ली लाई गई, पीड़िता ने न केवल अपना बचपन खोया, बल्कि इन सालों में शारीरिक शोषण, बलात्कार और गर्भपात जैसे जख्म भी झेले।

32 साल की आदिवासी पीड़िता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने दुष्कर्म और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता जब 15 साल की थी, तब उसके पड़ोसी गांव का जेटा मुंडा उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली लाया था। उसने एक कारोबारी के घर घरेलू काम के लिए छोड़ दिया।

पिता की मौत पर भी जाने नहीं दिया

पीड़िता के साथ क्रूरता की शुरुआत तब हुई जब कोठी मालिक के परिवार ने उसके पास मौजूद परिजनों के मोबाइल नंबर वाला कागज छीनकर जला दिया था। वह चीखती रही, घर जाने की मिन्नतें करती रही, लेकिन उसे कैद कर लिया गया। इस लंबी अवधि में उसके पिता की मौत हो गई, लेकिन मालिकों ने उसे अंतिम बार देखने तक नहीं दिया। विरोध करने पर उसे जानवरों की तरह पीटा जाता था ताकि वह भागने या किसी को बताने की हिम्मत न कर सके।

यौन शोषण और जबरन गर्भपात

पीड़िता ने पुलिस को बताई आपबीती, उसने बताया कि कोठी में शादी के दौरान आए एक हलवाई ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती हुई, तो मदद करने के बजाय कारोबारी की बेटी और बहू ने जबरन उसका गर्भपात करा दिया। हद तो तब हो गई जब पड़ोस के एक नौकर ने भी उसका यौन शोषण किया, जिसकी फुटेज सीसीटीवी में आने के बाद भी उसे इंसाफ दिलाने के बजाय मामले को रफा-दफा कर दिया गया।

एनजीओ की जिद से मिली मदद

पिछले साल नवंबर से पीड़िता का भाई-बहन उसे ढूंढते हुए कोठी तक पहुंचे थे, लेकिन रसूखदार मालिक ने महज 15 हजार देकर उन्हें डरा-धमका कर भगा दिया। आखिरकार 9 अप्रैल को परिजनों ने हिम्मत दिखाई और एनजीओ के साथ मिलकर दबाव बनाया। डर के मारे कारोबारी ने युवती को मुक्त तो किया, लेकिन उसकी 17 साल की मेहनत और बर्बाद हुई जिंदगी की कीमत महज 1.70 लाख रुपये लगाकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Published on:
30 Apr 2026 01:29 pm