
नेपाल बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से आते थे हथियार
importing weapons Pakistan: दिल्ली की स्पेशल टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, पुलिस ने एक ऐसे इंटरनेशनल गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पाकिस्तान से हथियार मंगाकर दिल्ली में बेच रहे थे। इस मामले में कुल 9 आरोपियों को दबोचा गया है। स्पेशल सेल की जांच में खुलासा हुआ है कि विदेशी हथियारों की खेप पाकिस्तान से मंगवाई जाती थी। इन हथियारों को नेपाल सीमा के जरिए भारत में प्रवेश कराया जाता था और फिर वहां से दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न अपराधी गुटों तक पहुंचाया जाता था।
आपको बता दें कि पुलिस ने इस कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दिल्ली के तुर्कमान गेट निवासी वसीम मलिक भी शामिल है, जो 8वीं तक पढ़ा है और वर्ष 2008 से अपराध की दुनिया में सक्रिय बताया जा रहा है। उस पर हत्या और डकैती समेत आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान ही उसका संपर्क गिरोह के सरगना शाहबाज अंसारी से हुआ था। वहीं इमरान और राहिल, शाहबाज के रिश्तेदार हैं, जिनमें राहिल दिल्ली में हथियारों की डीलिंग संभालता था, जबकि इमरान नेपाल बॉर्डर से हथियारों की तस्करी कराने में माहिर माना जाता है। वसीम मलिक का भतीजा और बीकॉम ड्रॉपआउट वसीक हथियारों की खेप को छिपाने और ठिकाने लगाने का काम करता था। इसके अलावा फर्दीन, अमन उर्फ अभिषेक, आदिल, मोहम्मद अहमद और विशाल को भी गिरफ्तार किया गया है।
एडिशनल कमिश्नर (स्पेशल सेल) प्रमोद सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 23 सेमी-ऑटोमैटिक और विदेशी हथियार, दो देसी शॉटगन, तीन कट्टे, 92 जिंदा कारतूस और छह मैगजीन बरामद की गई हैं। इसके अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
यह गिरोह न केवल विदेशी हथियारों की तस्करी करता था, बल्कि बिहार के मुंगेर से भी देसी हथियारों की खेप मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंगेर से आने वाले हथियारों के बदले विदेशी हथियार पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे।
पुलिस अब इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना शाहबाज अंसारी और उसके चाचा रेहान अंसारी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इस गिरोह के पकड़े जाने से दिल्ली-एनसीआर में होने वाली बड़ी आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
Updated on:
30 Apr 2026 11:49 am
Published on:
30 Apr 2026 11:49 am
