
Parminder Singh Jhota Case: पंजाब में परमिंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद राजनीति तेज हो गई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में उन्हें सीबीआई जांच का फैसला लेना पड़ा। सिरसा ने मुख्यमंत्री के साथ पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे की भी मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब पहुंचने से पहले ही मुख्यमंत्री भगवंत मान को झोटा मामले की जांच सीबीआई को सौंपनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के दबाव के चलते यह फैसला लिया गया है।
सिरसा ने कहा कि गृह मंत्री ने परमिंदर सिंह झोटा के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए काम करेगी।
सिरसा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ जन्मदिन मनाने फ्रांस गए थे, जबकि झोटा का शव सात दिन तक मुर्दाघर में रखा रहा। सिरसा के मुताबिक, उस दौरान लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार के दबाव के बाद एक घंटे के भीतर सीबीआई जांच का फैसला लेना पड़ा। हालांकि, फ्रांस दौरे और मामले में हुई देरी को लेकर सिरसा ने जो बातें कही हैं, वे उनके आरोप हैं।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने डीजीपी गौरव यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी इस मामले में जिम्मेदार ठहराते हुए पद छोड़ने को कहा। सिरसा ने दावा किया कि जब तक मुख्यमंत्री और डीजीपी इस्तीफा नहीं देते, पंजाब के लोग उन्हें सड़कों पर निकलने नहीं देंगे।
सिरसा ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा के परिवार और पंजाब के लोगों की मांग है कि मामले में न्याय मिले। उनके मुताबिक, सीबीआई जांच से इस दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुलेगा। अब जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पंजाब सरकार सिरसा के आरोपों पर क्या जवाब देती है, यह देखना अहम होगा।