
JNU Controversy: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा ने सोमवार को नई दिल्ली में दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अकोइजम पर आरोप लगाने वाली छात्राओं के लिए इंसाफ की मांग की। कार्यकर्ताओं ने 'JNU की 11 बेटियां, न्याय की हकदार बेटियां' जैसे नारे लगाए और कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से सांसद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, मई महीने में यूनिवर्सिटी की कम से कम 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दी थी। आरोपों के अनुसार, सांसद ने बैठकों या कार्यक्रमों के नाम पर छात्राओं को अपने आधिकारिक आवास पर बुलाया और उनके साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया। छात्राओं ने कक्षा के दौरान भी अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है।
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि शिकायतों के बाद JNU प्रशासन ने POSH Act के तहत एक आंतरिक शिकायत समिति गठित की थी। जांच समिति द्वारा आरोपों को सही पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय ने सांसद बिमोल अकोइजम को उनके पद से हटाने का फैसला लिया।
बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस आलाकमान की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, 'कांग्रेस का नारीवाद सिर्फ सोशल मीडिया के हैशटैग और नारों तक सीमित है। जवाबदेही की बात आते ही उनकी बोलती बंद हो जाती है। क्या राहुल गांधी का 'पितृसत्ता खत्म करो' वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक छलावा था?'