
JP Nadda News: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। इस मामले को लेकर बुधवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन में जमकर बहस हुई और माहौल काफी गरमा गया। बहस के दौरान राज्यसभा के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र आंदोलन या राजनीति में सक्रिय होता है, तो उसे पुलिस की कार्रवाई और हिरासत जैसी स्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उनके मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और जरूरत पड़ने पर पुलिस अपनी ड्यूटी निभाती है।
जेपी नड्डा ने कहा कि इस मामले को बेवजह बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि आपातकाल के समय, जब कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्हें भी छात्र आंदोलन के दौरान दो बार सीधे क्लास से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि आंदोलन करने वालों के साथ ऐसी कार्रवाई कोई नई बात नहीं है, यह पहले भी होती रही है।
नड्डा के इस बयान पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों की गई। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हुई।
सदन में इस मुद्दे पर इतना हंगामा हुआ कि कुछ समय के लिए कार्यवाही भी रोकनी पड़ी। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांगता रहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी कौन लेगा और इस मामले में सरकार का साफ रुख क्या है।
दरअसल, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। तभी से यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सरकार का कहना है कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहा है।
अब यह विवाद सिर्फ छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संसद के अंदर भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की बड़ी वजह बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।