नई दिल्ली

केजरीवाल के ‘शराब घोटाला’ केस की सुनवाई अब जस्टिस मनोज जैन के पास, पहले सुन चुके हैं लालू-वाड्रा की याचिकाएं

Justice Manoj Jain Delhi HC: दिल्ली शराब नीति मामले की सुनवाई अब हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज जैन करेंगे। उनके पास लालू यादव और रॉबर्ट वाड्रा जैसे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मामलों को सुनने का लंबा अनुभव है।
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Kejriwal liquor scam case
जस्टिस मनोज जैन और केजरीवाल की फोटो

Delhi Excise Policy Case High Court,:दिल्ली आबकारी नीति (कथित शराब घोटाला) मामले में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस से जुड़ी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिकाओं पर अब दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज जैन सुनवाई करेंगे। इन मामलों को मंगलवार (19 मई 2026) की कॉज़ लिस्ट में शामिल किया गया है।

यह बदलाव पिछले हफ्ते जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा द्वारा खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करने के फैसले के बाद हुआ है। जस्टिस शर्मा ने अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 बड़े नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर जजों के प्रति 'अपमानजनक टिप्पणी' करने के आरोप में स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना (Suo Motu Criminal Contempt) की कार्यवाही शुरू की है और केस को दूसरी बेंच में ट्रांसफर कर दिया है।

हाई-प्रोफाइल मामलों को सुनने का है अनुभव

जस्टिस मनोज जैन के लिए राजनीतिक हस्तियों और देश के बड़े घोटालों से जुड़े मामलों की सुनवाई करना नया नहीं है। उनके पास ऐसे कई संवेदनशील मामलों को संभालने का लंबा अनुभव है।

लालू प्रसाद यादव (जमीन के बदले नौकरी घोटाला)

जस्टिस मनोज जैन वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ चल रहे कथित 'लैंड फॉर जॉब्स' घोटाले की सुनवाई कर रहे हैं। इसी साल मार्च में उन्होंने सीबीआई को इस मामले में सरकारी गवाहों के बयान दर्ज करने से तब तक के लिए रोक दिया था, जब तक कोर्ट अंतिम फैसला नहीं ले लेता।

रॉबर्ट वाड्रा (मनी लॉन्ड्रिंग मामला)

वे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा की उस याचिका पर भी सुनवाई कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने 2008 के गुड़गांव भूमि सौदे से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने खिलाफ तय आरोपों और समन को चुनौती दी है।

दिल्ली दंगे 2020

जस्टिस जैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश से जुड़े मामले के आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली डिवीजन बेंच का भी हिस्सा रह चुके हैं।

टीएमसी नेताओं के मामले

वे टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और वकील जय अनंत देहाद्रई के बीच पालतू डॉग की कस्टडी के विवाद, और टीएमसी सांसद साकेत गोखले के खिलाफ पूर्व राजनयिक लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी द्वारा दायर अवमानना याचिका की भी सुनवाई कर चुके हैं।

कैसा रहा है जस्टिस मनोज जैन का सफर?

जस्टिस मनोज जैन ने वर्ष 1986 में पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से कानून की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वे 1992 में दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल हुए और 2003 में उन्हें दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा में पदोन्नत किया गया। न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने दिल्ली ज्यूडिशियल एकेडमी में डायरेक्टर (एकेडमिक्स) और दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल जैसे अहम प्रशासनिक पदों पर भी अपनी सेवाएं दीं। मई 2023 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किया गया था, जबकि जुलाई 2024 में उन्होंने स्थायी जज के रूप में शपथ ली।

Updated on:
18 May 2026 06:21 pm
Published on:
18 May 2026 05:45 pm
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