नई दिल्ली

सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के 3 घंटे वाले नियम पर केजरीवाल का हमला, बोले- आवाज दबाने से बढ़ेगा गुस्सा

Arvind Kejriwal video statement: अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के 3 घंटे वाले नियम को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम फर्जी वीडियो, डीपफेक और आपत्तिजनक कंटेंट को तेजी से रोकने के लिए उठाया गया है।
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Arvind Kejriwal
सोशल मीडिया नियमों को लेकर केजरीवाल ने मोदी सरकार पर उठाए सवाल, छिड़ी नई बहस। (फोटो सोर्स-IANS)

Arvind Kejriwal video statement: सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाने के नियम को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के नए नियमों के तहत अगर सरकार किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कोई पोस्ट हटाने के लिए कहती है, तो उसे 3 घंटे के अंदर कार्रवाई करनी होगी।

केजरीवाल ने इस मुद्दे को लेकर कहा कि सोशल मीडिया आज आम लोगों की आवाज उठाने का बड़ा माध्यम बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने Gen Z आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं में अपनी बात रखने की ताकत बढ़ी है और उनकी आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सरकार जितना लोगों की बात रोकने की कोशिश करेगी, उतना ही लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर नियमों और सरकार की भूमिका पर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी राय रखते रहे हैं।

इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे डिजिटल नियंत्रण का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और आपत्तिजनक सामग्री रोकने के लिए नियम जरूरी हैं।

किस तरह के कंटेंट पर होगी सख्ती?

नए नियमों के तहत ऐसे कंटेंट पर विशेष नजर रखने की बात कही जा रही है, जिसमें किसी व्यक्ति की छवि खराब करने वाले फर्जी वीडियो या तस्वीरें, बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री, बिना अनुमति के निजी जानकारी या अश्लील सामग्री साझा करना और देश की सुरक्षा या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली भ्रामक जानकारी शामिल है।

नियम नहीं मानने पर प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई

तय नियमों का पालन नहीं करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, 3 घंटे में पोस्ट हटाने वाले नियम को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। जहां सरकार इसे डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर सवाल उठा रहा है।