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SIR विवाद पर संजय सिंह का बड़ा आरोप, बोले- ‘ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर वोट काटे, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए’

Sanjay Singh on SIR: AAP सांसद संजय सिंह ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और प्रभावित चुनावों में दोबारा मतदान की मांग की।
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नई दिल्ली

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Imran Ansari

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Updated: 23 Sep 2026, 12:30 PM IST

AAP Sanjay Singh

AAP नेता संजय सिंह (Photo-ANI)

SIR Controversy: चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि SIR शुरू होने के बाद से ही AAP इस प्रक्रिया का विरोध करती रही है और अब चुनाव आयोग के भीतर भी मतदाता सूची को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

संजय सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा केवल विपक्ष के विरोध तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों की ओर से भी SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां सामने आने की खबरें आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्यानेश कुमार ने जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने का काम किया और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। संजय सिंह ने यह भी मांग की कि जहां इस तरह की कथित गड़बड़ियां हुई हैं, वहां हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए।

बंगाल में 27 लाख नाम हटाए जाने का मुद्दा

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 27.16 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इन बदलावों के खिलाफ कुल 38.31 लाख अपील दाखिल हुई हैं, जिनमें 22.21 लाख अपील हटाए गए नामों को फिर से शामिल करने की मांग से जुड़ी हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR से जुड़े मामलों में 37 लाख से ज्यादा अपील अभी लंबित हैं। आयोग ने इन मामलों के जल्द निपटारे के लिए अपीलीय ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की है।

चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर भी विवाद

संजय सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद स्पष्ट किया है कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और सभी निर्णय सर्वसम्मति से हुए। संजय सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव का असर चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया और उसके महत्व को लेकर सवाल खड़े होते हैं। AAP सांसद ने SIR से जुड़े मामलों में कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।