मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वकांक्षी योजना पर कुछ बुनियादी बदलाव करने की मांग की है। इस मांग के बाद अब विवाद बढ़ता नजर आ रहा है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच अब एक बार फिर से राजनीतिक लड़ाई जोर पकड़ रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वकांक्षी योजना पर कुछ बुनियादी बदलाव करने की मांग की है। इस मांग के बाद अब विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। बता दें कि पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान भारत अगले महीने 25 सितंबर से पूरे देशभर में लॉन्च हो जाएगा। लेकिन उससे पहले केजरीवाल की मांग ने एक नए विवाद को जन्म दिया है। इस योजना से देशभर के 10 करोड़ परिवार यानी की 50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। राजधानी दिल्ली की बात करें तो 20 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
केजरीवाल सरकार की मांग
आपको बता दें कि आयुष्मान भारत के लॉंच होने से पहले सीएम केजरीवाल ने एक मांग की है। केजरीवाल ने कहा है कि इस योजना के नाम को बदला जाए। बता दें कि इस योजना का पूरा नाम आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना है। लेकिन केजरीवाल ने मांग की है कि प्रधानमंत्री का नाम हटाकर उस जगह पर मुख्यमंत्री का नाम जोड़ा जाए। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि केजरीवाल सरकार की मांग है कि इस योजना का नाम मुख्यमंंत्री आम आदमी स्वास्थ्य बीमा योजना- आयुष्मान भारत रखा जाए। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल केंद्र सरकार का कहना है कि योजना को ठीक ढंग से शुरुआत करने पर ध्यान दिया जाए, बाकी चीजों को बाद में देखा जाएगा। इस मांग के अलावा केजरीवाल सरकार ने एक और मांग की है कि इस योजना के अंतर्गत राजधानी दिल्ली में 50 लाख लोगों का नाम और जोड़ा जाए। इसपर केंद्र सरकार ने कहा है कि 2011 की जनगणना के मुताबिक राजधानी दिल्ली में इस योजना के तहत 20 लाख लोगों को ही शामिल किया जा सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस योजना के लागू होने के बाद दिल्ली सरकार इसे किस रूप में लागू करवाती है और सफल बनाने के लिए क्या-क्या करती है।