Kharge statement controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए पुलिस से शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में अब सियासी घमासान तेज हो गया है।
Kharge statement controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है। इस मुद्दे पर दिल्ली में बीजेपी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस से शिकायत की है। जानकारी के अनुसार इस बयान को लेकर दिल्ली भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली के पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा से मिला है। इस पूरे मामले में उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान खरगे ने बीजेपी की तुलना सांप से की। इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और दोनों दल आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
बीजेपी के प्रतिमंडल ने पुलिस आयुक्त को शिकायत पत्र दिया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान में न सिर्फ खरगे ने बीजेपी की तुलना जहरीले सांप से की बल्कि ऐसी बात भी बोली जिससे मुस्लिम समुदाय को भी ठेस पहुंची है। इस प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख नेता शामिल रहे, जिनमें केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी और कमलजीत सहरावत जैसे नाम शामिल थे। इनके साथ अधिवक्ता और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
खरगे ने असम चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, “कुरान में भी कहा गया है कि अगर नमाज पढ़ते समय सामने सांप आ जाए तो उसे मार देना चाहिए। बीजेपी और आरएसएस भी उसी जहरीले सांप की तरह हैं और इन्हें भी खत्म करना होगा।” बीजेपी के नेताओं का मानना है कि इस तरह के बयान से समाज से नफरत और टकराव बढ़ने का खतरा होता है।
खरगे के इस बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उनके अनुसार, इस तरह के बयान यह दिखाते हैं कि पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए समाज में तनाव पैदा करने से भी पीछे नहीं हट रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बयान से देश में गलत संदेश गया है और कांग्रेस इस तरह की बातें कर रही है जैसे इस देश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है।
दिल्ली बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि इस बयान को गंभीरता से लिया जाए और इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उनका कहना है कि यह बयान चुनावी नियमों का भी उल्लंघन करता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि कांग्रेस का मुख्यालय दिल्ली में है, इसलिए इस मामले में कार्रवाई की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की बनती है। पुलिस आयुक्त ने नेताओं को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।