नई दिल्ली

न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठा लखबीर सिंह का परिवार

बीते दिनों सिंघु बॉर्डर पर मारे गए लखबीर सिंह के परिजन न्याय और आर्थिक मदद की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। परिवार मामले की सीबीआई जांच, 50 लाख की मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग कर रहा है।

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Oct 27, 2021
lakhbir singh family sat on dharna and demanding compensation
lakhbir singh family sat on dharna and demanding compensation

नई दिल्ली। सिंघु बॉर्डर पर बीते दिनों हुई लखबीर सिंह की हत्या का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। दरअसल, लखबीर सिंह के परिजन मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। बता दें कि लखबीर सिंह का परिवार आज सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हुआ था, लेकिन पुलिस ने उन्हें नरेला के पास ही रोक लिया और आगे जाने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद लखबीर का परिवार और हिंद मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता यहीं धरने अनिश्चितकालीन पर बैठ गए हैं।

न्याय और आर्थिक मदद मांग रहा परिवार
लखबीर सिंह के परिवार का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक ये धरना खत्म नहीं करेंगे। बता दें कि मृतक लखबीर सिंह की पत्नी, बेटी, पिता और भाई धरने पर बैठे हैं। लखबीर सिंह की पत्नी जसप्रीत न्याय की मांग कर रही है। उनका कहना है कि हमें न्याय मिलना चाहिए। वहीं लखबीर के पिता सुखदेव सिंह इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही परिवार पंजाब सरकार के आर्थिक मदद की मांग भी कर रहा है।

हिंद मजदूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रमोहन का कहना है कि पंजाब सरकार पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। इसके साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच की जाए। किसान नेता का कहना है कि पंजाब सीएम लखीमपुर खीरी जाकर 50 लाख का मुआवजा दे सकते हैं तो इस परिवार की मदद क्यों नहीं करते।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह नाम के एक शख्स की बर्बरता से हत्या कर दी गई थी। घटनास्थल पर लखबीर सिंह का शव-क्षत विक्षत हालत में मिला था। जांच में पता चला कि लखबीर सिंह पंजाब का रहने वाला है। बता दें कि निहंगों ने लखबीर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कई लोगों गिरफ्तार कर लिया। वहीं बीजेपी इस मामले पर पंजाब सरकार पर हमलावर है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रियंका और राहुल गांधी किसानों से मिलने लखीमपुर खीरी पहुंच गए, लेकिन पंजाब के इस परिवार की किसी ने सुध नहीं ली।

Published on:
27 Oct 2021 11:47 pm