
Modi Nagar :गाजियाबाद के हरिश राणा की तरह मोदीनगर में भी एक पिंटू त्यागी हैं, जो पिछले करीब 15 साल से बिस्तर पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। गंभीर बीमारी और लंबे इलाज के बावजूद हालत में सुधार न होने से उन्होंने भी कभी इच्छा मृत्यु की मांग की थी। हालांकि अब उनके इलाज को लेकर नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद मिलने के बाद दिल्ली के एम्स में उनके इलाज के लिए 50 हजार रुपये जमा कराए गए हैं। डॉक्टरों का मानना है कि सफल ऑपरेशन के बाद पिंटू त्यागी के दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने की संभावना बन सकती है।
मोदीनगर के कस्बा निवाड़ी के वार्ड नंबर छह में एक मोबाइल टावर परिसर के कमरे में पिंटू त्यागी पिछले करीब 15 साल से दिन काट रहे हैं। गंभीर बीमारी के कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनके इलाज के लिए सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई कार्यकर्ता संजय त्यागी ने दो वर्ष पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसके बाद अदालत ने दिल्ली के एम्स को उनका इलाज करने के निर्देश दिए। शुरुआत में अस्पताल ने ऑपरेशन के लिए 1.28 लाख रुपये जमा करने को कहा था, लेकिन बाद में पत्राचार के बाद यह राशि घटाकर 65 हजार रुपये कर दी गई। आर्थिक तंगी के कारण अभी तक पूरी रकम जमा नहीं हो सकी है, जिससे उनका ऑपरेशन फिलहाल रुका हुआ है।
हरीश के जैसे बेड पर दिन काटने वाले पिंटू बागपत जिले के बड़ा गांव के रहने वाले हैं। मिली जानकारी के अनुसार, साल 2011 में हुए एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी, जिसके बाद दिल्ली एम्स में उनका ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन छह महीने के भीतर ही उनकी हड्डियां अपनी जगह से खिसक गईं। इलाज में आई जटिलताओं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिंटू की सुध लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता संजय त्यागी ने देश के शीर्ष नेतृत्व तक उनकी आवाज पहुंचाई। इसी प्रयास का परिणाम था कि 15 सितंबर 2022 को स्वयं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पिंटू को फोन कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया था। हालांकि, लंबे समय तक उचित उपचार न मिल पाने के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुके पिंटू त्यागी अब राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 'इच्छा मृत्यु' की गुहार लगा चुके हैं, जो व्यवस्था की धीमी कार्यप्रणाली पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।