
LPG Gas Cylinder Update: देशभर में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) को लेकर उड़ रही अफवाहों और डर के माहौल को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने अब नई रणनीति तैयार की है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों में सिलेंडर की कमी को लेकर जो गलत जानकारी फैलाई जा रही थी, उस पर रोक लगाने के लिए सरकार ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मैदान में उतार दिया है। सरकार का साफ कहना है कि सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, कुछ लोग सिलेंडर जमा करके जानबूझकर कमी का माहौल बना रहे हैं। अब हर दिन बड़े अधिकारी जनता के सामने आकर सच बताएंगे ताकि किसी भी आम आदमी को ऊंचे दामों पर सिलेंडर न खरीदना पड़े।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर साफ कर दिया है कि वे जनता से सीधा संवाद करें। अब से 21 राज्यों में रोज प्रेस ब्रीफिंग की जाएगी। इसका मकसद उन लोगों को बेनकाब करना है जो सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाकर जनता को डरा रहे हैं। सरकार चाहती है कि हर जिले में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं ताकि अगर कोई आपसे ज्यादा पैसे मांगे या सिलेंडर देने से मना करे, तो आप तुरंत शिकायत कर सकें।
शुक्रवार दिन में देशभर में 3700 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत राज्य सरकारों के पास पूरी पावर है कि वे कालाबाजारी करने वालों को जेल भेजें। अब तक 1000 से ज्यादा गैस एजेंसियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जा चुका है और 27 एजेंसियों को तो तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों को भी आदेश दिए गए हैं कि वे सरप्राइज चेकिंग बढ़ाएं।
पुरे देश में करीब 51 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है ,अब 95 फीसदी लोग ऑनलाइन बुकिंग का सहारा ले रहे हैं, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता आई है। सरकार अब पीएनजी (PNG) यानी पाइप वाली गैस और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है ताकि एलपीजी पर निर्भरता थोड़ी कम हो सके और सप्लाई चेन स्मूथ रहे।
सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर नजर रखें, अब हर राज्य में नोडल ऑफिसर तैनात किये जाएंगे, जो सीधे केंद्र के संपर्क में रहेंगे। अगर कहीं भी सप्लाई रुकी, तो सीधे बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।